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#उड़ताउड़ेंद्रकेखत: डियर अमित, कैसे हो?

डियर अमित, कैसे हो? मालूम है आजकल काफी उलझे हो. मुझे तो खत की शुरूआत में ही ‘ताल’ का गाना याद आ गया.. जो तेरा हाल है वो मेरा हाल है…. तो समझ लो कि सिरदर्द मुझे भी बराबर है. कभी कोई हमारे खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देता है तो कभी हमें प्रेस कॉन्फ्रेंस करानी पड़ रही हैं. ये भी क्या ही ज़िंदगी है छोटे… … Continue reading #उड़ताउड़ेंद्रकेखत: डियर अमित, कैसे हो?

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MUST SEE DOCUMENTARY : HUMAN by Yann Arthus-Bertrand

A few years ago, Yann Arthus-Bertrand’s helicopter broke down in rural Mali. While waiting for repairs, the filmmaker spent a day talking with a local farmer about his hopes, concerns, and priorities—examining the basic questions that shape a life. “It was the first time I had ever been confronted with really finding out about a person’s life and experiences,” Arthus-Bertrand says. And now, thanks to … Continue reading MUST SEE DOCUMENTARY : HUMAN by Yann Arthus-Bertrand

The Final Solution – A Film on Gujarat Genocide

Final Solution is a study of the politics of hate. Set in Gujarat during the period Feb/March 2002 – July 2003, the film graphically documents the changing face of right-wing politics in India through a study of the 2002 genocide of Muslims in Gujarat. It specifically examines political tendencies reminiscent of the Nazi Germany of early/mid-1930s. Final Solution is anti-hate/ violence as those who forget … Continue reading The Final Solution – A Film on Gujarat Genocide

भाजपा की गिरती शाख को बचाने के लिए एजेंसियों ने फिर खेला आतंक का कार्ड

  आरिज़ के पहले से ही सुरक्षा-खुफिया एजेंसियों की गिरफ्त में होने की थी आशंका मुकदमें के दौरान होने वाली गिरफ्तारियों से पुलिस को मिलता है अपनी कहानी को दुरूस्त करने का मौका लखनऊ, 15 फरवरी 2018। रिहाई मंच ने दिल्ली स्पेशन सेल द्वारा 13 फरवरी को इंडियन मुजाहिदीन के कथित आतंकी आरिज़ खान की गिरफ्तारी को संदिग्ध बताते हुए उसके पहले से ही सुरक्षा-खुफिया … Continue reading भाजपा की गिरती शाख को बचाने के लिए एजेंसियों ने फिर खेला आतंक का कार्ड

Overlooking adult decisions about their lives & Treating daughters as repositories of your “honour” – Zeba Imam

A horrific daylight murder on a busy roadside, a few days back continues to trouble me as I hope it does many others. I need to write this in an effort to ease my own rage and sadness. Ankit, the 23 year old, seems so full of youthful energy that it makes you wince at the thought that this young man is no more, every … Continue reading Overlooking adult decisions about their lives & Treating daughters as repositories of your “honour” – Zeba Imam

मी लार्ड ! भगवान करे आपसे किसी का पाला ना पड़े..- Rakesh Kayasth

उन दिनों मैं एक बच्चा पत्रकार हुआ करता था। रिपोर्टर के तौर पर मेरे पास जो बीट्स थी, उनमें MRTP commission भी शामिल था। अंग्रेजी में monopolies and restrictive trade practices commission, हिंदी नाम— प्रतिबंधित और एकाधिकार व्यापार व्यवहार आयोग। कमीशन का दफ्तर दिल्ली के शाहजहां रोड पर था, जहां उसकी अपनी अदालत लगती थी। विधिसम्मत आचरण ना करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमे चलते … Continue reading मी लार्ड ! भगवान करे आपसे किसी का पाला ना पड़े..- Rakesh Kayasth

हज हाउस की दिवार को भगवा रंग में रंगना योगी सरकार के मानसिक दिवालियापन को दिखाता है

हज हाउस की दिवार को भगवा रंग में रंगना योगी सरकार के मानसिक दिवालियापन को दिखाता है- रिहाई मंच कानून व्यवस्था पर विफल सरकार फर्जी मुठभेड़ों से ठोक रही है अपनी पीठ लखनऊ 5 जनवरी 2018। रिहाई मंच ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश हज हाउस की दिवार का रंग भगवा रंग से रंग देने को योगी सरकार की मानसिक दिवालियापन करार दिया है। मंच ने … Continue reading हज हाउस की दिवार को भगवा रंग में रंगना योगी सरकार के मानसिक दिवालियापन को दिखाता है

Mumbai Voices: Carol Singing as form of Protest

Activists, nuns and citizens of all faith came out to protests in Mumbai against the arrest of priests in Madhya Pradesh for singing Christmas carols. The message was clear, if divisive forces in the country don’t want Christmas carols, then Christmas carols are what they will get. Produced by: Vivek Sundara Camera and Edit: Satyen K. Bordoloi Continue reading Mumbai Voices: Carol Singing as form of Protest