The red in the sea of black and white- Indira Jaisingh

As three judges of the Supreme Court – Chief Justice of India Dipak Misra, Justice DY Chandrachud and Justice AM Khanwilkar – sat motionless on November 27, a young woman dressed in red, with a red hijab wrapped around her head, approached them. All heads turned to look at the woman, who was followed by stern looking police women in uniform. Lawyers in black and … Continue reading The red in the sea of black and white- Indira Jaisingh

हमारा चयन, हमारी प्राथमिकताएं और हमारी राजनीति – रुक्मिणी सेन

दुर्गा वाहिनी की रजनी ठुकराल कहती हैं, कि गलत परम्पराएं डाल रही महिलाओं का बहिष्कार होना चाहिए। रजनी के मुताबिक, दीपिका पादुकोण ने, वोग के वीडियो में अपनी यौनिकता के बारे में बात करते हुए (जिसे केरसी खम्भाटा ने लिखा), एक गलत परम्परा की शुरुआत की है। महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके चुनाव (choice) पर गंभीर बहस करना असम्भव है, जब दुर्गा वाहिनी इसी प्रकार … Continue reading हमारा चयन, हमारी प्राथमिकताएं और हमारी राजनीति – रुक्मिणी सेन

आज मेरी माहवारी का दूसरा दिन है – Damini Yadav

आज मेरी माहवारी का दूसरा दिन है। पैरों में चलने की ताक़त नहीं है, जांघों में जैसे पत्थर की सिल भरी है। पेट की अंतड़ियां… दर्द से खिंची हुई हैं। इस दर्द से उठती रूलाई जबड़ों की सख़्ती में भिंची हुई है। कल जब मैं उस दुकान में ‘व्हीस्पर’ पैड का नाम ले फुसफुसाई थी, सारे लोगों की जमी हुई नजरों के बीच, दुकानदार ने … Continue reading आज मेरी माहवारी का दूसरा दिन है – Damini Yadav

अधूरा कोई नहीं – आर. अनुराधा

      सुनती हूं बहुत कुछ जो लोग कहते हैं असंबोधित कि अधूरी हूं मैं- एक बार अधूरी हूं मैं- दूसरी बार क्या दो अधूरे मिलकर एक पूरा नहीं होते? होते ही हैं चाहे रोटी हो या मेरा समतल सीना और अधूरा आखिर होता क्या है! जैसे अधूरा चांद? आसमान? पेड़? धरती? कैसे हो सकता है कोई इंसान अधूरा!   जैसे कि केकड़ों की … Continue reading अधूरा कोई नहीं – आर. अनुराधा

Their revenge on her body – Rahi Gaikwad

A Dalit woman in a Patna village was stripped and paraded in the streets by dominant caste men to avenge an affront to their pride. Even as the perpetrators are out on bail, justice continues to elude her They were six. She was all alone. They held her arms, her legs and dragged her out of her house in broad daylight. An entire village watched … Continue reading Their revenge on her body – Rahi Gaikwad