बारिश किस चिड़िया का नाम?:जल-संकट-2 (साबलखेड़-योगिता के गांव)

हम सबको बारिश बहुत अच्छी लगती है न! सिनेमा के परदे पर जब नायक बारिश में भीगता हुआ नायिका के सामने प्रेम-प्रस्ताव रखता है, हम उसमें अपने-आप को ढूंढने लगते हैं. अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो याद कीजिये कितनी दफ़ा बारिश में नहाये हैं, कितनी दफ़ा बारिश के जमा पानी में कागज़ के नाव बनाकर तैरा चुके हैं. मतलब कि आपने बारिश के बगैर … Continue reading बारिश किस चिड़िया का नाम?:जल-संकट-2 (साबलखेड़-योगिता के गांव)

मर किसान : जल-संकट (लातूर-ग्रामीण क्षेत्र)-3

कुछ लोग किसान आत्महत्याओं को फैशन बताते हैं, तो कुछ प्रेम-प्रसंगों को आत्महत्या का कारण बताते हैं.लातूर के जल-संकट की बात करने पर दिल्ली का पढ़ा-लिखा युवा कहता है कि लातूर-वासी जल का अपव्यय करते रहे होंगे. ऐसी संवेदनहीनता हमारे वक़्त में पहले कब देखी गई होगी? हम सब इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि किसान आत्महत्या हमारे लिए एक ख़बर है, पानी की कमी … Continue reading मर किसान : जल-संकट (लातूर-ग्रामीण क्षेत्र)-3

जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

Writer: Devesh Tripathi A Hillele Report   याद कीजिये 2016 के बीत गए महीनों को. हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से शुरू हुआ साल बढ़ता हुआ पहुंचा जेएनयू और फिर देशद्रोह से लेकर राष्ट्रवाद की बहसों ने देश के दिलों-दिमाग पर कब्ज़ा जमा लिया. इस बीच इसी देश का एक हिस्सा सूखते-सूखते इतना सूख गया कि देश की नज़र में … Continue reading जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

OPPOSE THE PRIVATIZATION OF WATER IN DELHI

OPPOSE THE CAPTURING OF THE COMMONS FOR PRIVATE PROFIT Friends, In recent weeks, the Delhi government has initiated a series of measures that would result in widening and deepening the corporate control of water and water distribution in Delhi. Basically the government is considering handing over the distribution of water, billing, and revenue collection to large private corporations. The measures include the following: – a … Continue reading OPPOSE THE PRIVATIZATION OF WATER IN DELHI