मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा के गवाह को मुठभेड़ के नाम पर मारने की थी साजिश- राजीव यादव

लखनऊ/मुजफ्फरनगर 21 जून 2019। मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा के गवाह इकराम पर पुलिस के जानलेवा हमले के बाद सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सफीपुर पट्टी की दंगा पीड़ित बस्ती बुढ़ाना में परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता संतोष सिंह, रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, बाकेलाल यादव और स्थानीय अफकार इंडिया फाउंडेशन के रिजवान सैफी, नदीम खान, अस्तित्व सामाजिक संस्था के कोपिन और कविता शामिल रहीं। प्रतिनिधिमंडल से इकराम की पत्नी ने कहा कि … Continue reading मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा के गवाह को मुठभेड़ के नाम पर मारने की थी साजिश- राजीव यादव

मोहम्मद मसूद रजा पर जानलेवा हमला करने वाली पुलिस के खिलाफ चार दिन बाद भी नहीं दर्ज हुआ एफआईआर

सरकार अपराधियों के साथ, आम आदमी हवालात में- रिहाई मंच भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ने की वजह से अधिवक्ता मसूद पर हुआ पुलिसिया हमला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे लखनऊ 21 मई 2018। भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों को उठाने वाले उतरौला बलरामपुर के अधिवक्ता मोहम्मद मसूद रजा पर पुलिसिया हमले के चार दिनों बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई … Continue reading मोहम्मद मसूद रजा पर जानलेवा हमला करने वाली पुलिस के खिलाफ चार दिन बाद भी नहीं दर्ज हुआ एफआईआर

अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.

एंटी रोमियो स्क्वाड के नाम पर मोरल पुलिसिंग करके सामंतवाद और जातिवाद को बढावा दे रही है सरकार – रिहाई मंच मनुवादी नही चाहते हैं की समाज से जातिवाद ख़त्म हो- मंच अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.   23 मार्च 2017 लखनऊ. रिहाई मंच ने  आरोप लगाया है … Continue reading अवैध स्लाटर हाउस बंद कराने के नाम पर साम्प्रदायिक जेहनियत के तहत छोटे- छोटे दुकानदारों की रोजी- रोटी छिनने रही है सरकार.

आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं – Mayank Saxena

आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं…चुनाव में हमेशा लोकतंत्र ही नहीं जीतता है। जर्मनी में पहली बार हिटलर भी चुनाव जीत कर ही आया था। इमरजेंसी के पहले, इंदिरा गांधी भी चुनाव जीत कर ही आई थी। परवेज़ मुशर्रफ ने भी चुनाव जीते थे। ट्रम्प ने भी जीता है। … Continue reading आपको लगता है कि चुनाव में लोकतंत्र की जीत हुई है? सीएम की निंदा करने पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हो रही हैं – Mayank Saxena

…फकीरा चल चला चल – Rakesh Kayasth

प्रश्न गहरा है— मांगना क्या है? सवाल अगर दर्शनशास्त्र से जुड़ा हो तो जवाब हो सकता है- मांगना धर्म है। समाजशास्त्र से जुड़ा है तो जवाब होगा— मांगना आदत है। सवाल इतिहास का है तो फिर मांगना हमारी परंपरा है और अगर सवाल व्याकरण का है तो फिर मांगना एक क्रिया है। अब अगला प्रश्न- मांगना अच्छा है या बुरा? यह निर्भर इस बात पर … Continue reading …फकीरा चल चला चल – Rakesh Kayasth

“परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

लखनऊ, 04 जनवरी 2017। यूपी में परिवारवाद की जंग लड़ रही सपा द्वारा लोकतांत्रिक आवाजों के दमन और वादा खिलाफी के खिलाफ रिहाई मंच 16 जनवरी को लखनऊ में करेगा सम्मेलन। दस वर्ष पूर्व 16 जनवरी 2007 को रिहा हुए कोलकाता के आफताब आलम अंसारी की मां आयशा बेगम द्वारा रिहाई आंदोलन के एक दशक पूरा होने पर बरी बेगुनाह नौजवानों पर एक पुस्तक जारी … Continue reading “परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे

नजीब के लिए देश की जानी-मानी सियासी हस्तियां गुरुवार की शाम जेएनयू प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा थीं. जब यहां शशि थरूर अपनी बात रख रहे थे, तभी एक चीख सुनाई दी. यह चीख नजीब की मांग की थी. ख़ुद को संभाल पाने में नाकाम नजीब की मां अचानक दहाड़े मार कर रोने लगीं. रोते हुए वो चिल्ला रही थीं, ‘अरे कोई तो मेरे बेटे को … Continue reading Must Watch: “कहां है मेरा नजीब.” भाषण दे रहे थरूर कुछ देर तक सिर झुकाए चुपचाप खड़े रहे