Can you not give the media a right to question you Prime Minister? – Mohan Deep

To Mr Narendra Modi, The Prime Minister of India. Respected Sir, Now that it is clear that Mr Arnab Goswami of ‘Times Now’ had ‘Conditions Apply’ to his freedom to interview you and also that you’re more keen to talk uninterrupted on ‘Mann Ki Baat’ I mention the President of USA, the oldest democracy in the world and his record of giving one to one … Continue reading Can you not give the media a right to question you Prime Minister? – Mohan Deep

Times Now First Denies Airing Doctored Video, Then Concedes it Did

BY SIDDHARTH VARADARAJAN ON Times Now’s Doctored video showing JNUSU President Kanhaiya Kumar had raised anti-India slogans Times Now has accused The Wire of running a “factually inaccurate” story about the showing of a doctored video on the channel. The charge is laughable. The story in question is an article by me, published on February 19, 2016 titled On Kanhaiya: It is Time to Stand Up and Be Counted. … Continue reading Times Now First Denies Airing Doctored Video, Then Concedes it Did

Times Now ने हरतोश से जेटली पर नरमी बरतने को कहा था, इनकार करने पर अर्नब ने किया पैनल से बाहर

बमुश्किल एक हफ्ता पहले ‘दि कारवाँ’ पत्रिका के राजनीतिक सम्पादक हरतोश सिंह बल प्रेस क्लब के दालान में बैठे हुए जिस बात का ज़िक्र अनौपचारिक तौर पर कर रहे थे, कौन जानता था कि उसे लिखित रूप में दर्ज कर के वे इस दौर की पत्रकारिता पर एक ऐतिहासिक टिप्पणी में तब्दील कर देंगे. उस दिन किसी मित्र ने हरतोश से यूं ही पूछा था … Continue reading Times Now ने हरतोश से जेटली पर नरमी बरतने को कहा था, इनकार करने पर अर्नब ने किया पैनल से बाहर

आप दुर्भावना से प्रेरित हैं, अर्णब गोस्वामी – खुला पत्र

प्रिय अर्णब गोस्वामी, हालांकि आप सर्वसक्षम और सर्वशक्तिमान टीवी पत्रकार-सम्पादक और प्रस्तोता हैं, लेकिन फिर भी मैं नाचीज़ आपके हाल के ही एक बुलेटिन को देखने के बाद आप से कुछ सवाल और आपके कुछ सवालों के जवाब देने की हिमाकत कर रहा हूं। मैं जानता हूं कि आप इसके बदले में इतनी ज़ोर से चीख सकते हैं कि मेरी समझ और सोच की शक्ति … Continue reading आप दुर्भावना से प्रेरित हैं, अर्णब गोस्वामी – खुला पत्र