श्री लाल शुक्ल…ये आपको समर्पित है – Mayank Saxena

(राग दरबारी के अंश में थोड़ा शब्दों का हेर-फेर कर के ये अंश लिखा गया है…राग दरबारी के प्रेमी या पाठक ही पढ़ें…क्योंकि अन्य के लिए समझना थोड़ा मुश्किल होगा…बुरा न मानें-दिल पर न लें…लेना है तो शांति से काम लें…) उन्होंने लोगों के दो वर्ग बना रखे थेः राष्ट्रवादी और सेक्युलर। वे राष्ट्रवादियों की प्रकट रुप से और सेक्युलरों की गुप्त रुप से सहायता … Continue reading श्री लाल शुक्ल…ये आपको समर्पित है – Mayank Saxena