राम की राजधानी से बापू के संदेश -कृष्ण प्रताप सिंह

अब इसे विडम्बना कहा जाये, संयोग या कुछ और, लेकिन जिन राम के राज के अपने सपने को साकार करने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने यावत्जीवन कुछ उठा नहीं रखा, उनकी राजधानी या कि जन्मभूमि अयोध्या वे सिर्फ दो बार पहुंच सके। अलबत्ता, अपने संदेशों से इन दोनों ही यात्राओं को महत्वपूर्ण बनाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। 10 फरवरी, 1921 को उनकी … Continue reading राम की राजधानी से बापू के संदेश -कृष्ण प्रताप सिंह