बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का – Mayank Saxena

बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का ये नारा लगाने वालों के बच्चे कॉन्वेंट में पढ़ रहे हैं…न कि शिशु मंदिर में…जिनके बड़े हो गए, वे स्वयंसेवक या कारसेवक नहीं हैं…आईटी कम्पनियों में हैं…विदेश में हैं…हिंदी और संस्कृत नहीं, अंग्रेज़ी बोलते हैं…धोती नहीं, स्मार्ट केसुअल्स पहनते हैं…और माता-पिता के पैर तो सुबह उठ कर नहीं ही छूते हैं… तय मानिए, वह न राम के हैं, … Continue reading बच्चा-बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का – Mayank Saxena

आर्यावर्त का सोशल मीडिया – Rakesh Kayasth

एविएशन, स्टेम सेल और प्लास्टिक सर्जरी जैसे सभी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के चिन्ह हमारी महान सभ्यता के इतिहास में मिलते हैं। लिहाजा तर्क यही कहता है कि जुकरबर्ग के पैदा होने से कई कोटि वर्ष पहले सोशल मीडिया भी भारत में रहा होगा। प्रस्तुत हैं, इसी तर्क पर आधारित कुछ पौराणिक कथाएं, देवताओं और पौराणिक पात्रों को सो सॉरी हैशटैग के साथ। 1. अप्सरा शकुंतला … Continue reading आर्यावर्त का सोशल मीडिया – Rakesh Kayasth

आपके मर्यादापुरुषोत्तम आपको मुबारक – Dilip Mandal

महान शूद्र विद्वान और तपस्वी शंबूक की हत्या करने वाला मेरे लिए मर्यादापुरुषोत्तम नहीं है। अगर वह आपका मर्यादापुरुषोत्तम है, तो यह आपकी आज़ादी है। मुझे अपना मर्यादापुरुषोत्तम चुनने की आज़ादी संविधान देता है। देखें अनुच्छेद 15 और 25. इसी आज़ादी के तहत शंबूक वध की निंदा करने वाली सैकड़ों किताबें छपी हैं, नाटक लिखे गए हैं, कविताएँ लिखी गई हैं, लिखी जा रही हैं। … Continue reading आपके मर्यादापुरुषोत्तम आपको मुबारक – Dilip Mandal