हमको कभी माफ़ मत करना, तबरेज़- Mayank Saxena

  दो दिन हुए, तबरेज़ की पिटाई का वीडियो न जाने कितने ही लोगों ने भेजा…देखने की हिम्मत जुटाना मुश्किल था…और फिर आज एक दोस्त से बात हुई और वहां से जवाब आया, “मुसलमान के लिए अब इस मुल्क़ में कोई जगह नहीं…तुम लोग जो चाहें कोशिश कर लो, अब इस मुल्क़ के ज़्यादातर हिंदू, हमारे ख़िलाफ़ हैं…हम बस चुपचाप पंचर बनाते रहें और ज़िंदगी … Continue reading हमको कभी माफ़ मत करना, तबरेज़- Mayank Saxena

झारखंड में भीड़ ने मुस्लिम युवक की पीट पीटकर की हत्या, ‘जय श्रीराम’ का नारा भी लगवाया

रांची: झारखंड के सरायकेला जिले के खरसावां में चोरी के शक में भीड़ ने 24 साल के मुस्लिम युवक को जमकर पीटा, जिसकी बाद में मौत हो गई. तबरेज अंसारी नाम के इस युवक को कई घंटे तक पीटा गया. इसके बाद 18 जून को उसे पुलिस के हवाले किया गया. कोर्ट ने तबरेज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. 22 जून को बेहद खराब … Continue reading झारखंड में भीड़ ने मुस्लिम युवक की पीट पीटकर की हत्या, ‘जय श्रीराम’ का नारा भी लगवाया

With apologies to Anwar, Muin Bhai and Yasmin Auntie- Rukmini Sen

6th December, 1992. Lucknow   The Sengupta family on the first floor were jumping with joy. Kaku (uncle) had victoriously announced that the Masjid had been broken. I ran down the stairs straight into our living room (which was sometimes our bedroom, sometimes the play room) and told Baba what I had heard. Baba was looking for candles. He paused and guffawed- “Tomaar Kaku Shopno … Continue reading With apologies to Anwar, Muin Bhai and Yasmin Auntie- Rukmini Sen

The Day It All Came Down – Sehba Imam

I was such an idealist in 1992, that you could call me a dumb idiot. My friend Vismita and I were hired to conduct film making workshops for teenage girls in a village. We were giving our hearts and souls to our work. We were changing the gender dynamics in the world, one teenage girl at a time. After an exhausting day at Meethapur village, … Continue reading The Day It All Came Down – Sehba Imam

बेटियों से मुँह चुराते प्रधानमंत्री पर एक सांस्कृतिक चिट्ठा -कश्यप किशोर मिश्र

मर्दानगी क्या होती है ? यह जनाना या स्त्रैण से कितनी अलग होती है ? हाँलाकि यह एक सामाजिक सवाल है पर इसके राजनीतिक जवाब की तलाश करें तो तलाश की सुई भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर मुड़ जाती है । राजनीतिक मर्दवाद को सामाजिक मर्दवाद की मर्यादा बना देने का उदाहरण इस मुल्क नें जय गंगा मईया को नमामि गंगे … Continue reading बेटियों से मुँह चुराते प्रधानमंत्री पर एक सांस्कृतिक चिट्ठा -कश्यप किशोर मिश्र

आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

बाबा राम रहीम अपनी किसी शिष्या का यौन- शोषण करने से पहले कहता था कि वह उसे दुनियावी पापों से मुक्त कर रहा है। और यह कि जिस बाहरी दुनिया में वह रहकर आई है वह तो पापों से भरा था। बाबा की बातों में यह सन्निहित होता था कि वह शिष्या स्त्री होने के नाते चेतना की एक निम्न अवस्था है इसलिए दुनियावी पापों … Continue reading आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

गुरमीत राम रहीम केस:सांवैधानिक पदों पर बैठे गैर-राजनीतिक लोगो को कीचड़ से बचाये रखने की जिम्मेदारी किसकी है? – Rakesh Kayasth

गुरमीत राम रहीम केस में मीडिया जिस तरह सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज जगदीप सिंह को हीरो बना रहा है, उससे मुझे चिंता हो रही है। इसमें कोई शक नहीं जज साहब का फैसला साहसिक और सराहनीय है।   लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि वे कोई क्रिकेटर नहीं है, जिसने सेंचुरी लगाकर जीत दिला दी और इस कामयाबी का जश्न मनाते … Continue reading गुरमीत राम रहीम केस:सांवैधानिक पदों पर बैठे गैर-राजनीतिक लोगो को कीचड़ से बचाये रखने की जिम्मेदारी किसकी है? – Rakesh Kayasth