#एबीपीन्यूज़ सम्पादक Milind Khandekar से इस्तीफ़ा ले लिया गया , Abhisar Sharma को छुट्टी पर भेज दिया गया, Punya Prasun Bajpai हटा दिये गये – QW Naqvi

#एबीपीन्यूज़ में पिछले 24 घंटों में जो कुछ हो गया, वह भयानक है. और उससे भी भयानक है वह चुप्पी जो फ़ेसबुक और ट्विटर पर छायी हुई है. भयानक है वह चुप्पी जो मीडिया संगठनों में छायी हुई है.   मीडिया की नाक में नकेल डाले जाने का जो सिलसिला पिछले कुछ सालों से नियोजित रूप से चलता आ रहा है, यह उसका एक मदान्ध … Continue reading #एबीपीन्यूज़ सम्पादक Milind Khandekar से इस्तीफ़ा ले लिया गया , Abhisar Sharma को छुट्टी पर भेज दिया गया, Punya Prasun Bajpai हटा दिये गये – QW Naqvi

चैनलों को ‘सिंगल आउट’ करके मीडिया को यह संकेत दिया गया है कि उन्हें ‘समय के साथ’ कैसे चलना चाहिए! – QW Naqwi

असम के भी एक चैनल पर एक दिन की रोक लगायी गयी है. यात्रा पर हूँ, इसलिए देर से लिख रहा हूँ. हालाँकि देखा कि इस मुद्दे पर सोशल मीडिया में ज़्यादा कुछ नहीं कहा गया. लेकिन मामला गम्भीर है और NDTV के मामले की ही अगली कड़ी है. अब यह साफ़ हो गया है कि जिस तरह की ‘संवेदनशील’ जानकारियाँ उजागर करने के लिए … Continue reading चैनलों को ‘सिंगल आउट’ करके मीडिया को यह संकेत दिया गया है कि उन्हें ‘समय के साथ’ कैसे चलना चाहिए! – QW Naqwi

इंडिया में IPL, भारत में सूखा! – क़मर वहीद नक़वी

By: Qamar Waheed Naqvi देश का चालीस प्रतिशत भूभाग, दस राज्य और ढाई सौ से ज़्यादा ज़िले अगर सूखे की भयंकर चपेट में हैं और देश में इस पर कहीं कोई चिन्ता नहीं, चर्चा भी नहीं तो हैरानी क्या? शहर को सूखे का मतलब तो तब समझ में आयेगा, जब आटा, दाल, चावल, सब्ज़ियाँ अचानक से और महँगी हो जायें, नलों में पानी कम आने … Continue reading इंडिया में IPL, भारत में सूखा! – क़मर वहीद नक़वी

Mar 26 काँग्रेस : बस ‘टीना’ में ही जीना – क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi

प्रशान्त किशोर ने काँग्रेस को एक ‘क्विक फ़िक्स’ फ़ार्मूला दिया है. ब्राह्मणों को पार्टी के तम्बू में वापस लाओ. फ़ार्मूला सीधा है. जब तक ब्राह्मण काँग्रेस के साथ नहीं आते, तब तक उत्तर प्रदेश में मुसलमान भी काँग्रेस के साथ नहीं आयेंगे. क्योंकि मुसलमान तो उधर ही जायेंगे, जो बीजेपी के ख़िलाफ़ जीत सके. मायावती के कारण अब दलित तो टूटने से रहे. तो कम … Continue reading Mar 26 काँग्रेस : बस ‘टीना’ में ही जीना – क़मर वहीद नक़वी By: Qamar Waheed Naqvi

‘काली खेती’ का गोरखधन्धा! – क़मर वहीद नक़वी

Mar19 देश के सात-आठ लाख लोगों को दो साल में खेती से 26 करोड़ करोड़ रुपये की आमदनी कहाँ से हो गयी? जी, यहाँ करोड़ ग़लती से दो बार टाइप नहीं हुआ. अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन लोगों ने दो साल में यह कमाई सिर्फ़ खेती से दिखायी है. और आपको जान कर हैरानी होगी कि यह रक़म भारत की मौजूदा जीडीपी की 16 … Continue reading ‘काली खेती’ का गोरखधन्धा! – क़मर वहीद नक़वी

किसकी जेब के आठ लाख करोड़?- Qamar Waheed Naqvi

सरकारी बैंकों के क़र्ज़ों का महाघोटाला कोई एक-दो लाख करोड़ का मामला नहीं है. क़रीब साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये के क़र्ज़े ऐसे हैं, जिनकी वसूली की सम्भावना अब न के बराबर समझी जा रही है! यानी भारत की कुल जीडीपी का क़रीब 6.7 प्रतिशत हिस्सा चट किया जा चुका है या जिसके वापस मिलने की अब लगभग उम्मीद नहीं है! और इनमें से 87 … Continue reading किसकी जेब के आठ लाख करोड़?- Qamar Waheed Naqvi

Feb 13 निशानची बहसों के दौर में!- क़मर वहीद नक़वी

14 अगस्त 2015 को आसिया अन्दराबी ने पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया और लश्कर-ए-तय्यबा के आतंकवादियों को फ़ोन पर सम्बोधित भी किया, तब तो ऐसा कोई हंगामा नहीं हुआ. आठ महीने पहले जम्मू में भिंडरावाले का ‘शहीदी दिवस’ मनाने के लिए पोस्टर लगाना देशद्रोह नहीं था क्या? तब वहाँ ख़ालिस्तान और पाकिस्तान समर्थक नारे भी लगे. क्या वह देशद्रोह नहीं था? दोनों ही घटनाओं के समय … Continue reading Feb 13 निशानची बहसों के दौर में!- क़मर वहीद नक़वी

शुभ नहीं हैं 2016 के संकेत!

Nov 07 बिहार में सबकी साँस अटकी है! क्योंकि इस चुनाव पर बहुत कुछ अटका और टिका है! राजनीति से लेकर शेयर बाज़ार तक सबको बिहार से बोध की प्रतीक्षा है! किसी विधानसभा चुनाव से शेयर बाज़ार इतना चिन्तित होगा, कभी सोचा नहीं था. लेकिन वह इस बार वह बहुत चिन्तित है. इतना कि देश की तीन बड़ी ब्रोकरेज कम्पनियों ने ख़ुद अपनी टीमें बिहार … Continue reading शुभ नहीं हैं 2016 के संकेत!

….और देश सोने की चिड़िया बन जायेगा! — क़मर वहीद नक़वी

      लो जी, अब ख़ुश! लहर आ गयी है! सब जगह लहर बोल रही है. देखो रे देखो, मैं आ गयी! टीवी वाले, अख़बार वाले बता रहे हैं. जैसे मानसून आता है, वैसे ही बता रहे हैं लहर आ रही है. लोग लहरा रहे हैं! भीग-भीग कर झूम रहे हैं! वैसे ही जैसे पब और डिस्कोथिक में लहराते हैं, झूमते हैं. नाचो, गाओ, … Continue reading ….और देश सोने की चिड़िया बन जायेगा! — क़मर वहीद नक़वी

ताकि जवाब और जवाबदेहियाँ तय हो सकें! – क़मर वहीद नक़वी |

            (लोकमत समाचार, 15 मार्च 2014) खीर टेढ़ी है! पत्रकार ने इंटरव्यू किया. बवंडर मचा है कि इंटरव्यू ईमानदार था कि बेईमान? लोग तय नहीं कर पा रहे हैं! यू ट्यूब पर लाखों लोग उस क्लिप को देख चुके हैं. पर आँखों देखा सच वही, जो देखनेवाले की आँख देखे या देखना चाहे! कुछ को दिखा कि यह इंटरव्यू फ़िक्स … Continue reading ताकि जवाब और जवाबदेहियाँ तय हो सकें! – क़मर वहीद नक़वी |