आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

बाबा राम रहीम अपनी किसी शिष्या का यौन- शोषण करने से पहले कहता था कि वह उसे दुनियावी पापों से मुक्त कर रहा है। और यह कि जिस बाहरी दुनिया में वह रहकर आई है वह तो पापों से भरा था। बाबा की बातों में यह सन्निहित होता था कि वह शिष्या स्त्री होने के नाते चेतना की एक निम्न अवस्था है इसलिए दुनियावी पापों … Continue reading आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

पत्रकारिता भ्रष्ट नहीं हुई होती तो गुरमीत 2002 में ही जेल की सलाखों के पीछे होता- Shahnawaz Malik

डेरे में लड़कियों का यौन शोषण कबसे और कबतक किया गया, ये सिर्फ गुरमीत जानता है. गुरमीत के गुलामों के घर की लड़कियां अगर मुंह खोलने की हिम्मत जुटातीं तो कोई यक़ीन नहीं करता. कई बार गुरमीत अपने गुंडे भेजकर उन्हें ख़ामोश कर देता. एक लड़की ने अपने भाई की मदद से गुमनाम चिट्ठी लिखकर इस मामले का खुलासा किया तो गुरमीत के गुंडों ने … Continue reading पत्रकारिता भ्रष्ट नहीं हुई होती तो गुरमीत 2002 में ही जेल की सलाखों के पीछे होता- Shahnawaz Malik

Mahatma Gandhi and Bhagat Singh : A Clash of Ideology – Jai Narayan Sharma

Abstract Great men of all generations have been anxious about improvement of the lot of human beings. But how to realize it remains a formidable task for e very age. Even though the goal is similar, the means to achieve the goal can differ. And this difference in approach can generate a lot of controversy. This is precisely what happened between Mahatma Gandhi and Sardar … Continue reading Mahatma Gandhi and Bhagat Singh : A Clash of Ideology – Jai Narayan Sharma