झंडा और डंडा: वुसतुल्लाह खान

  क्या आपने तिरंगा ग़ौर से देखा है, ज़रूर देखा होगा. लेकिन कभी आप ने ये सोचने की तकलीफ़ उठाई कि कपड़े के तीन विभिन्न पट्टियों को क्यों जोड़ा गया था और फिर बीच में अशोक चक्र क्यों बना दिया गया. जब पिंगली वेंकैया साहेब ने ये तिरंगा डिज़ाइन किया तो उन्होंने नारंगी पट्टी यह सोचकर ड्राइंग बोर्ड पर बिछाई होगी कि भारत का हर … Continue reading झंडा और डंडा: वुसतुल्लाह खान

पाकिस्तान समुंदर-ए-कुफ्र में एक रोशन जज़ीरा है!

यहां के लोग कुदरत की तमाम नेअमतों से अरास्ता हैं। खूबसूरत झीलें, खुले मैदान, धूल, मिट्टी, शोर-ओ-गुल, सब कसरत से पाए जाते हैं। कोयला इतना है कि जब दुनिया के ज़खीरे खत्म हो जाएंगे, तो तब भी मुमलिकत-ए-खुदादाद में चूल्हे जलते रहेंगे, गाड़ियां चलती रहेंगी, कारख़ानों में रोज़गार होगा, बिजली होगी, खुशहाली होगी। अभी क्यूंकि दुनिया के ज़खीरे खत्म नहीं हुए, इसलिए ये चीज़ें यहां … Continue reading पाकिस्तान समुंदर-ए-कुफ्र में एक रोशन जज़ीरा है!