मेरे सवाल आप से हैं, आप चुप क्यों हैं? – आपके नाम रवीश की चिट्ठी

फासीवाद की खासियत है कि हर विरोध करने वाले को ही नहीं, हर तर्क करने वाले को ख़तरा समझा जाता है। उसका दमन होता है और इसकी शुरुआत धमकी, गाली-गलौज और फिर मिथ्या प्रचार या छवि खराब करने से होती है। फासीवादी शासक जानते हैं कि छवि खराब करना, हत्या करने से ज़्यादा प्रभावी और आसान तरीका है। लम्बे समय से टीवी पत्रकार रवीश कुमार … Continue reading मेरे सवाल आप से हैं, आप चुप क्यों हैं? – आपके नाम रवीश की चिट्ठी