पत्रकारिता के ‘चारणयुग’ में अंजना ओम कश्यप के राजनाथ से सवाल !

तमाम शहरों और सूबों की राजधानियों में ऐसे कुछ पत्रकार पाये जाते हैं जिनका काम डीएम से लेकर सीएम तक की प्रेसकान्फ्रेंस को हल्का-फुल्का बनाना होता है। मसलन वे बड़ी मासूमियत से कुछ इस तरह के सवाल पूछते हैं- “सर, आप पर इतना बोझ है, आखिर आपमें इतना स्टैमिना कहाँ से आता है ?” “आप पर ऐसे-ऐसे आरोप लगते हैं, लेकिन आप हमेशा मुस्कराते कैसे रहते हैं ?” “आपको … Continue reading पत्रकारिता के ‘चारणयुग’ में अंजना ओम कश्यप के राजनाथ से सवाल !