खून खून खून – Mayank Saxena

खून खून खून सपनों का अरमानों को इंसानों का धर्म धर्म धर्म पुजारियों का मौलाना का सियासतदानों का आह आह आह रियाया की गरीबी की शऱाफ़त की वाह वाह वाह अमीरों की वज़ीरों की हुकूमत की Continue reading खून खून खून – Mayank Saxena