बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है – Pankaj Dubey

सड़कों पर खामोशी बैंकों में शोर है रातें हैं लंबी जाने कहां भोर है डिजिटल के नाम पर नकदी ले गया चोर है बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है Continue reading बंदरों के हाथ में उस्तरे का दौर है – Pankaj Dubey

रैली खत्‍म, नेता नदारद, हमले तेज़ : ऐतिहासिक यात्रा के बाद टाइम बम पर बैठा गुजरात का दलित समुदाय – Abhishek Srivastava

ऊना रैली की तस्‍वीरों पर चस्‍पां मेरी पिछली टिप्‍पणी पर सत्‍यम जी ने पूछा है कि इस घटना को उसकी तात्‍कालिकता में कम कर के क्‍यों आंका जा रहा है। मेरा जवाब सुनें: ऊना में आज समाप्‍त हुई दलित अस्मिता रैली को उसकी तात्‍कालिकता और दीर्घकालिकता में वे लोग कम कर के आंक रहे हैं जो तस्‍वीरों को देखकर ‘इंकलाबित’ हैं। मुझे कोई गफ़लत नहीं … Continue reading रैली खत्‍म, नेता नदारद, हमले तेज़ : ऐतिहासिक यात्रा के बाद टाइम बम पर बैठा गुजरात का दलित समुदाय – Abhishek Srivastava