हमारे लिए बस संविधान, भारत माता बचायें आपकी जान – Rakesh Kayasth

  देश की सबसे पवित्र किताब यहां का संविधान है। यह किताब इसलिए पवित्र है क्योंकि यह हमें इस बात की आज़ादी देती है कि हम गीता, कुरान, बाइबिल या गुरु ग्रंथ साहिब जैसी अनेक किताबों में से जिसे चाहें, उसे पवित्रतम माने। हम अपनी धार्मिक किताबों के तथाकथित सम्मान के लिए आये दिन सड़क पर लाठी, तलवार और त्रिशूल भांजते रहते हैं। लेकिन क्या … Continue reading हमारे लिए बस संविधान, भारत माता बचायें आपकी जान – Rakesh Kayasth

अपना सिर कलम कर लेंगी, तो किसी के भी पैर पर कैसे रखेंगी – Dilip Mandal

  दो बातें. एक, अपना सिर कलम कर लेंगी, तो किसी के भी पैर पर कैसे रखेंगी. और दो, कोटे से बाहर जाकर किसी को एडमिशन देने का मतलब होता है किसी का हक मारना. कितने हजार बच्चों का हक मारा? जिनका एडमिशन नहीं हुआ है उन्हें चाहिए कि इस कबूलनामे के बाद, मनुस्मृति ईरानी को कोर्ट में घसीटें. बच्चों से हेराफेरी नहीं चलेगी.   … Continue reading अपना सिर कलम कर लेंगी, तो किसी के भी पैर पर कैसे रखेंगी – Dilip Mandal

मायावती ने मांगा जवाब , ईरानी के ‘हैदराबाद हस्तक्षेप’ ने अटकाई राज्यसभा

नई दिल्ली : आज राज्यसभा में दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या पर  दौरान बसपा अध्यक्ष मायावती  और मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी  में जमकर बहस हुई। मायावती ने कहा कि दलित छात्र रोहित वेमुला पर बनाई गई जांच कमिटी में किसी दलित को क्यों नही रखा गया है। इस बीच सदन में खूब नारेबाजी हुई। जिसके बाद कई बार राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित करनी … Continue reading मायावती ने मांगा जवाब , ईरानी के ‘हैदराबाद हस्तक्षेप’ ने अटकाई राज्यसभा

“ये लौंडे कैदियों का कई रात ‘काम चला’ सकते हैं”,कहा अनिल दिक्षित ने

दक्षिणपंथी राजनीति हो या वामपंथी राजनीति बलात्कार का समर्थन क्या कोई सभ्य समाज का मनुष्य कर सकता है? पूर्व पत्रकार, वर्तमान हिंसक मनोरोगी! भाषा, किसी भी संस्कृति का अहम चिह्न है और इस लिहाज से वैसे भी संघ और उसके हिंदुत्व के समर्थकों की भाषा, लगातार उनकी संस्कृति की पहचान रही है। पिछले 30 सालों में आरएसएस या विहिप से जुड़े कट्टरपंथी-विक्षिप्त लोग, लगातार मीडिया … Continue reading “ये लौंडे कैदियों का कई रात ‘काम चला’ सकते हैं”,कहा अनिल दिक्षित ने

What Television Media Won’t Tell You About JNU

Courtesy: Youth Ki Awaaz Published on Feb 17, 2016 After what has now come to be known as the ‘Afzal Guru Event’ in TV media, Jawaharlal Nehru University and its students are being branded as ‘anti-national’ and a ‘threat to the nation’ without even a second look at the facts of the case. And why would one see facts when there are ready ‘sentiments’ that … Continue reading What Television Media Won’t Tell You About JNU