The Day It All Came Down – Sehba Imam

I was such an idealist in 1992, that you could call me a dumb idiot. My friend Vismita and I were hired to conduct film making workshops for teenage girls in a village. We were giving our hearts and souls to our work. We were changing the gender dynamics in the world, one teenage girl at a time. After an exhausting day at Meethapur village, … Continue reading The Day It All Came Down – Sehba Imam

The red in the sea of black and white- Indira Jaisingh

As three judges of the Supreme Court – Chief Justice of India Dipak Misra, Justice DY Chandrachud and Justice AM Khanwilkar – sat motionless on November 27, a young woman dressed in red, with a red hijab wrapped around her head, approached them. All heads turned to look at the woman, who was followed by stern looking police women in uniform. Lawyers in black and … Continue reading The red in the sea of black and white- Indira Jaisingh

Muslim Women’s organization calls BJP’s bluff

Bebaak Collective (Voices of the Fearless), have issued a  statement univocally condemning the comment made by the BJP leader Subramanian Swamy in an event in Mumbai on Friday, 27th October that the party could win in Uttar Pradesh elections because Muslim women believed that it was BJP who could save them from ‘triple talaq’. (See, “Muslim women felt only BJP could save them from triple … Continue reading Muslim Women’s organization calls BJP’s bluff

सार्वजनिक संस्थाओं को बेचने पर आमादा सरकारों से पूछा जाना चाहिए कि वो हैं किस लिए ? सिर्फ दलाली खाने के लिए? – Rakesh Kayasth

सरकारी तंत्र यानी नकारापन। प्राइवेट सेक्टर यानी अच्छी सर्विस और एकांउटिबिलिटी। यह एक आम धारणा है, जो लगभग हर भारतीय के मन में बैठी हुई है या यूं कहे बैठा दी गई है। लेकिन यह धारणा हर दिन खंडित होती है। किस तरह उसकी एक छोटी केस स्टडी आपके सामने रख रहा हूं। मेरे पड़ोसी ने एक ऐसे प्राइवेट बैंक से होम लोन लिया था, … Continue reading सार्वजनिक संस्थाओं को बेचने पर आमादा सरकारों से पूछा जाना चाहिए कि वो हैं किस लिए ? सिर्फ दलाली खाने के लिए? – Rakesh Kayasth

आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

बाबा राम रहीम अपनी किसी शिष्या का यौन- शोषण करने से पहले कहता था कि वह उसे दुनियावी पापों से मुक्त कर रहा है। और यह कि जिस बाहरी दुनिया में वह रहकर आई है वह तो पापों से भरा था। बाबा की बातों में यह सन्निहित होता था कि वह शिष्या स्त्री होने के नाते चेतना की एक निम्न अवस्था है इसलिए दुनियावी पापों … Continue reading आश्रम की चारदिवारी में रहते हुए जिस समाज को पाप कह दिया जाता है उसी समाज में दरअसल मोक्ष छिपा है- Rakesh Pandey

पत्रकारिता भ्रष्ट नहीं हुई होती तो गुरमीत 2002 में ही जेल की सलाखों के पीछे होता- Shahnawaz Malik

डेरे में लड़कियों का यौन शोषण कबसे और कबतक किया गया, ये सिर्फ गुरमीत जानता है. गुरमीत के गुलामों के घर की लड़कियां अगर मुंह खोलने की हिम्मत जुटातीं तो कोई यक़ीन नहीं करता. कई बार गुरमीत अपने गुंडे भेजकर उन्हें ख़ामोश कर देता. एक लड़की ने अपने भाई की मदद से गुमनाम चिट्ठी लिखकर इस मामले का खुलासा किया तो गुरमीत के गुंडों ने … Continue reading पत्रकारिता भ्रष्ट नहीं हुई होती तो गुरमीत 2002 में ही जेल की सलाखों के पीछे होता- Shahnawaz Malik

सीवर एक खतरनाक जगह है – Dilip C Mandal

कश्मीर में हमारी लगभग एक तिहाई सेना तैनात है. सरकारी आंकड़ा है कि 2016 में वहां 60 सुरक्षाकर्मी देश की रक्षा करते हुए मारे गए, जो हाल के वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. कश्मीर एक खतरनाक जगह है. लेकिन इसी भारत में एक जगह कश्मीर से भी खतरनाक है. वह जगह है सीवर. इनकी सफाई करते हुए एक साल में 22,327 भारतीय नागरिक मारे … Continue reading सीवर एक खतरनाक जगह है – Dilip C Mandal