गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -3 (Nitin Thakur)

1931 में जब चार्ली चैप्लिन गांधी से मिल रहे थे तब उन्हें बाज़ार में बढ़ते मशीनीकरण के नुकसानों का उतना अंदाज़ा नहीं था। दुनिया बहुत तेज़ी के साथ मशीनों पर निर्भर होती जा रही थी। पहले विश्वयुद्ध के बाद बर्बाद हुए देश तेज़ी से खड़े होने के लिए मशीनों पर सवार थे और जर्मनी उनमें सबसे आगे था। अंग्रेज़ों ने भी मैनचेस्टर में मशीनों से … Continue reading गांधी, चार्ली, चर्चिल और मशीन -3 (Nitin Thakur)

जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से ज़्यादा कुछ नहीं था – Nitin Thakur

जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से बहुत ज़्यादा कुछ नहीं था। खेल के बहाने उनमें हिंदू पहचान का इंजेक्शन भरा जा रहा था। घर वाले संस्कार पढ़ाने और सेहत बनाने के लिए बच्चों को शाखा भेजते रहे और वही बच्चे वापसी में ‘कुछ अधिक हिंदू’ होने का दंभ दिमाग में भरे आते रहे। तब हिंदुओं … Continue reading जब अंग्रेज़ देश छोड़कर जा रहे थे तब आरएसएस कबड्डी खेलनेवाले हिंदू लड़कों के गिरोह से ज़्यादा कुछ नहीं था – Nitin Thakur

JAITLEY CHARGED WITH SEDATION – Vasudevan Narayanpillai

On 20th August, 2016 Arun Jaitley said today that former PM PV Narasimha Rao wasn’t the economic messiah people believe he is, that the UPA neglected productivity, and that the post-independence Nehruvian model led to no development whatsoever. Indian Finance Minister Arun Jaitley said- “That (Nehruvian) model of development was the reason India couldn’t get up to a growth rate of even 1 percent in … Continue reading JAITLEY CHARGED WITH SEDATION – Vasudevan Narayanpillai

Romila Thapar: “The battle now is between religious nationalism and secular nationalism . . .”

Romila Thapar, who has been associated with Jawaharlal Nehru University for many years, speaks to writer Githa Hariharan on the idea of a university like JNU. The idea was to explore Indian society through inter-disciplinary studies and discussion. At the Centre for Historical Studies with which she was associated, the past was not another country; the past shaped the present. Professor Thapar points out that … Continue reading Romila Thapar: “The battle now is between religious nationalism and secular nationalism . . .”