मनमोहन सिंह: गुजरात चुनावों में हार की आशंका से हर तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर रहे हैं मोदी

    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस आधारहीन मुद्दे को ओछी राजनीति के लिए जबरन तूल दिए जाने से काफी आहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात चुनावों में हार के डर से वह इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, चुनावों में हार की आशंका से प्रधानंत्री हर तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर रहे … Continue reading मनमोहन सिंह: गुजरात चुनावों में हार की आशंका से हर तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर रहे हैं मोदी

रिहाई मंच ने अखिलेश यादव को पत्र लिख कर रिहा हुए बेगुनाहों के खिलाफ अपील में जाने पर उठाया सवाल

अखिलेश यादव ने रिहाई मंच अध्यक्ष को दिया था आश्वासन, लेकिन कर गए यूटर्न नोट- पत्र मेल में संलग्न है। लखनऊ, 07 जनवरी 2017। रिहाई मंच ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर आतंकवाद के नाम पर अदालती प्रक्रिया द्वारा रिहा हुए बेकसूरों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करने पर सवाल किया। रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने बताया कि रिहाई मंच महासचिव … Continue reading रिहाई मंच ने अखिलेश यादव को पत्र लिख कर रिहा हुए बेगुनाहों के खिलाफ अपील में जाने पर उठाया सवाल

Result: JNU election 2016

Final Results DEVELOPING STORY @21:31 – Just Now: Finally JNU election Results are out. The big wait is over. Left Unity wins all central posts. Its  4-0. #JNUSU Election Results 2016: After the count of 3822 (SIS- 926, SSS- 1515, Special Centres- 331, Sl- 1000, SLS- 50) ballots #President: Dileep (SFS): 175 Jahnawi (ABVP): 672 Mohit (AISA-SFI): 1486 Rahul (BAPSA): 1248 Sunny (NSUI): 109 NOTA: … Continue reading Result: JNU election 2016

किसी क़स्बे या शहर में मुसलमानों का बहुसंख्यक होना ग़ैरसंवैधानिक है क्या ?

By- Pankaj Srivastava कैराना का भाजपाई झूठ सामने आना कोई आश्चर्य नहीं, उसके दंगाई चरित्र का एक और प्रमाण ही है। देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे विश्वास नहीं कि जनता उसके विकास (जिसका वह दुनिया भर में ढिंढोरा पीटती है) के काम पर विश्वास करके वोट देगी, इसके उलट वह तमाम अफ़वाहें फैलाकर हिंदुओं को मुसलमानों के ख़िलाफ़ गोलबंद करके वोट … Continue reading किसी क़स्बे या शहर में मुसलमानों का बहुसंख्यक होना ग़ैरसंवैधानिक है क्या ?

The promise, and peril, of Modi’s mandate – Siddharth Vardarajan

      If the struggle of Narendra Modi for power is the struggle of forgetting over memory, his victory represents a collective leap towards an uncertain future. Mr Modi’s remarkable election campaign may have been fuelled by unprecedented sums of money and magnified by the logic of the first-past-the-post system — which converted a 12 percentage point difference in vote share with the Congress … Continue reading The promise, and peril, of Modi’s mandate – Siddharth Vardarajan