आस्‍था नहीं, अन्‍वेषण पर आधारित होना चाहिए इतिहास

भारतीय इतिहास लेखन के विकास, असहमति की परंपरा तथा बौद्धिक अभिव्‍यक्तियों को बाधित करने के मौजूदा प्रयासों पर  रोमिला थापर की  कुलदीप कुमार से बातचीत   (अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्‍तव) आपकी पुस्‍तक दि पास्‍ट बिफोर अस आरंभिक उत्‍तर भारत की ऐतिहासिक परंपराओं पर विस्‍तार से बात करती है। जानकर अचरज होता है कि आखिर क्‍यों और कैसे इस विचार की स्‍वीकार्यता बन सकी कि भारतीयों में ऐतिहासिक चेतना का अभाव … Continue reading आस्‍था नहीं, अन्‍वेषण पर आधारित होना चाहिए इतिहास

Blah Blah Modi Have you any Gas?

Modi errs on facts, this time about China and inadvertently casts aspersions on his claim as a growth messiah (HindustanTimes) Gujarat chief minister Narendra Modi does not appear to believe that facts are scared and cannot be twisted to suit political motives. Modi on Sunday said that China spends 20% of its GDP on education to claim how the neighbouring country had transformed its education … Continue reading Blah Blah Modi Have you any Gas?

Maulana Azad and Education: Irfan Engineer

Sachar Committee has well documented the educational backwardness among Muslims at all levels – literacy rates are much below the national average, dropout rates are higher among the Muslims and therefore, their numbers in graduation and post graduation are much lower. Various reasons are being attributed for this backwardness, however, the varied analyses emanate from basically two perspectives. The first perspective blames either Islam as … Continue reading Maulana Azad and Education: Irfan Engineer

क्या कागजी ही रहेगा बालश्रम कानून – किशोर झा (Kishore Jha)

मंत्रिमंडलीय समितिद्वारा बालश्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी दिए छह महीने से ज्यादा हो गए हैं, पर अभी तक यह संसद के दोनों सदनों में पास नहीं हो पाया है। इस संशोधन को राज्यसभा में पेश भी किया जा चुका है, पर मामला उससे आगे नहीं बड़ा है। इस अधिनियम में संशोधन के बाद चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चों … Continue reading क्या कागजी ही रहेगा बालश्रम कानून – किशोर झा (Kishore Jha)