बारिश किस चिड़िया का नाम?:जल-संकट-2 (साबलखेड़-योगिता के गांव)

हम सबको बारिश बहुत अच्छी लगती है न! सिनेमा के परदे पर जब नायक बारिश में भीगता हुआ नायिका के सामने प्रेम-प्रस्ताव रखता है, हम उसमें अपने-आप को ढूंढने लगते हैं. अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो याद कीजिये कितनी दफ़ा बारिश में नहाये हैं, कितनी दफ़ा बारिश के जमा पानी में कागज़ के नाव बनाकर तैरा चुके हैं. मतलब कि आपने बारिश के बगैर … Continue reading बारिश किस चिड़िया का नाम?:जल-संकट-2 (साबलखेड़-योगिता के गांव)

जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

Writer: Devesh Tripathi A Hillele Report   याद कीजिये 2016 के बीत गए महीनों को. हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से शुरू हुआ साल बढ़ता हुआ पहुंचा जेएनयू और फिर देशद्रोह से लेकर राष्ट्रवाद की बहसों ने देश के दिलों-दिमाग पर कब्ज़ा जमा लिया. इस बीच इसी देश का एक हिस्सा सूखते-सूखते इतना सूख गया कि देश की नज़र में … Continue reading जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

इंडिया में IPL, भारत में सूखा! – क़मर वहीद नक़वी

By: Qamar Waheed Naqvi देश का चालीस प्रतिशत भूभाग, दस राज्य और ढाई सौ से ज़्यादा ज़िले अगर सूखे की भयंकर चपेट में हैं और देश में इस पर कहीं कोई चिन्ता नहीं, चर्चा भी नहीं तो हैरानी क्या? शहर को सूखे का मतलब तो तब समझ में आयेगा, जब आटा, दाल, चावल, सब्ज़ियाँ अचानक से और महँगी हो जायें, नलों में पानी कम आने … Continue reading इंडिया में IPL, भारत में सूखा! – क़मर वहीद नक़वी