मर किसान : जल-संकट (लातूर-ग्रामीण क्षेत्र)-3

कुछ लोग किसान आत्महत्याओं को फैशन बताते हैं, तो कुछ प्रेम-प्रसंगों को आत्महत्या का कारण बताते हैं.लातूर के जल-संकट की बात करने पर दिल्ली का पढ़ा-लिखा युवा कहता है कि लातूर-वासी जल का अपव्यय करते रहे होंगे. ऐसी संवेदनहीनता हमारे वक़्त में पहले कब देखी गई होगी? हम सब इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि किसान आत्महत्या हमारे लिए एक ख़बर है, पानी की कमी … Continue reading मर किसान : जल-संकट (लातूर-ग्रामीण क्षेत्र)-3

जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

Writer: Devesh Tripathi A Hillele Report   याद कीजिये 2016 के बीत गए महीनों को. हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से शुरू हुआ साल बढ़ता हुआ पहुंचा जेएनयू और फिर देशद्रोह से लेकर राष्ट्रवाद की बहसों ने देश के दिलों-दिमाग पर कब्ज़ा जमा लिया. इस बीच इसी देश का एक हिस्सा सूखते-सूखते इतना सूख गया कि देश की नज़र में … Continue reading जल-संकट(लातूर- शहर)-1: यह हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत है

‘जब तक जीवन है लड़ेंगे’ (सोनी सोरी) – देवेश त्रिपाठी की विशेष रिपोर्ट

दिल्ली में जिस वक्त एक सरकार आ गई है और वो देश की तकदीर बदल देने का दावा कर रही है, उसी समय देश की एक महिला और उसके समर्थन में तमाम एक्टिविस्ट, लेखक, वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता फासीवाद को चुनौती देने के लिए एकजुट हो रहे हैं। सोनी सोरी दिल्ली में थी, और अरुंधति राय, प्रशांत भूषण तथा हिमांशु कुमार के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस … Continue reading ‘जब तक जीवन है लड़ेंगे’ (सोनी सोरी) – देवेश त्रिपाठी की विशेष रिपोर्ट