थोड़ा चालाक बनो शाज़िया – Pankaj Srivastava

      शाज़िया इल्मी की बातचीत सुनकर हैरानू हूँ। हैरान इसलिए कि मेरी इस पुरानी साथी पत्रकार को अभी तक राजनीतिक जुमलेबाज़ी में महारत हासिल नहीं हुई। वो मुसलमानों को ‘सेक्युलर’ के बजाय ‘कम्युनल’ होने की नसीहत दे रही है बातचीत यहीं तक सुनने के बाद ज़बान से सिर्फ एक बात निकलती है– लानत है! तुमसे ना हो पाएगा शाज़िया..!! लेकिन ठहरिये…बात तो आगे भी … Continue reading थोड़ा चालाक बनो शाज़िया – Pankaj Srivastava