बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

इस सप्ताह बाल श्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम,2012 राज्य सभा में पास हो गया. लोकसभा में पास होने के बाद इस कानून को अमली जामा पहनाने के लिए इसके नियम बनाये जायेंगे और यह एक कानून बन जाएगा. इस कानून में कुछ बदलाव सकारात्मक हैं जैसे इसके अंतर्गत बालश्रम रखने को एक संज्ञेय अपराध बनाया गया है तथा इसके लिए अधिक सजा और जुर्माने और … Continue reading बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

कुछ अनुभव –किशोर

    बात कक्षा 11  की है. स्कूल के समय में स्कूल  के बाहर शिकिंजी वाले के पास खड़े थे. विपिन नाम का  एक और दोस्त और  मिल गया तो गपशप शुरू हो गयी. इतने में स्कूल का गेट खुला और उसमे से हमारे प्रिंसिपल भटनागर साहब अपने स्कूटर पर  बाहर  आते दिखे .   हमने हर अध्यापक का कुछ न कुछ नाम रख रखा … Continue reading कुछ अनुभव –किशोर

She Survived but this did happen – Anonymous

She mailed and wondered whether we would be open to sharing a page from her diary.  When we read her piece we wondered if this is not Hillele then what is? At Hillele we want to share stories/incidents that are silenced by families, societies, traditions, nations, religions, castes and patriarchy. Every feeling, every violation, any abuse must be shared, questioned and challenged if you think it’s important for you.  When we read … Continue reading She Survived but this did happen – Anonymous