बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

इस सप्ताह बाल श्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम,2012 राज्य सभा में पास हो गया. लोकसभा में पास होने के बाद इस कानून को अमली जामा पहनाने के लिए इसके नियम बनाये जायेंगे और यह एक कानून बन जाएगा. इस कानून में कुछ बदलाव सकारात्मक हैं जैसे इसके अंतर्गत बालश्रम रखने को एक संज्ञेय अपराध बनाया गया है तथा इसके लिए अधिक सजा और जुर्माने और … Continue reading बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

क्या कागजी ही रहेगा बालश्रम कानून – किशोर झा (Kishore Jha)

मंत्रिमंडलीय समितिद्वारा बालश्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी दिए छह महीने से ज्यादा हो गए हैं, पर अभी तक यह संसद के दोनों सदनों में पास नहीं हो पाया है। इस संशोधन को राज्यसभा में पेश भी किया जा चुका है, पर मामला उससे आगे नहीं बड़ा है। इस अधिनियम में संशोधन के बाद चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चों … Continue reading क्या कागजी ही रहेगा बालश्रम कानून – किशोर झा (Kishore Jha)

Rape at Home – Aimee Ginsburg

The trial of a French Consulate employee, accused of raping his minor daughter, has begun in Bangalore. His wife Suja Jones speaks to Open on her battle for justice and why is it important to listen carefully to your child After Suja Jones filed a complaint against her French husband Pascal Mazurier for the rape and other forms of sexual abuse of their three-year-old daughter, … Continue reading Rape at Home – Aimee Ginsburg

कमल – Kishore Jha

मेरा काम कुछ ऐसा है कि अक्सर सफ़र में रहता हूँ और स्टेशन पर आना-जाना लगा रहता है. पर इतने सालों बाद भी स्टेशन से मोहब्बत नहीं हो पाई और वहां हमेशा कुछ बेचैनी सी महसूस होती है. गाड़ी से उतर के घर पहुचने की बेताबी रहती है और स्टेशन से बाहर आकर पहली चुनौती होती है एक ऑटो पकड़ना जो आपको घर तक ले … Continue reading कमल – Kishore Jha