चम्पादक कथा: विकास की सेल्फी – Mayank Saxena

    माननीय ने तय किया था कि जिस चौथे खम्भे की रंगाई पुताई कर के उसका हुलिया ही बदल देने में उन्होंने (उनके प्रायोजकों ने) करोड़ों खर्च किए थे, उनसे भी मिल लेंगे। माननीय को देश का सबसे बड़ा वक्ता (भाषणबाज़) बनना था और वो चाहते थे कि वो हर कहीं से भाषण देते हुए, हर कहीं दिखाई दे। वो बचपन से ही वक्ता … Continue reading चम्पादक कथा: विकास की सेल्फी – Mayank Saxena

चम्पादक कथा: ख़बर, व्यूअर, बकरा, चम्पादक और इस्तीफा…

एबीसीडी चैनल पर मंत्री धनसल और भांजे पिंगला की कहानी चल रही थी…अचानक एक शेकिंग न्यूज़ अवतरित हुई… और फिलहाल की सबसे बड़ी ख़बर…आप देख रहे हैं सिर्फ एबीसीडी चैनल पर…झेल मंत्री हवन कुमार धनसल ने बकरी की पूजा की है…बकरी को खिलाई है ब्रेड…आप देख सकते हैं कि इस्तीफे की मांग के बीच फंसे धनसल कैसे टोने टोटके की मदद ले रहे हैं…बकरी की … Continue reading चम्पादक कथा: ख़बर, व्यूअर, बकरा, चम्पादक और इस्तीफा…

Mayank Saxena

चम्पादक और पुलिस संवाद…. (Mayank Saxena)

(इसका किसी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई लेना देना नहीं है…हो तो वो खुद ज़िम्मेदार है…)    चम्पादक- जी, आप कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं एक चम्पादक को…वो भी दफ्तर से…   पुलिस अधिकारी- आपके खिलाफ़ वारंट है…   चम्पादक- वारंट से क्या होता है…हम चम्पादक हैं…कानून वानून नहीं मानते…   पुलिस अधिकारी- डंडा तो मानते हो कि नहीं…   चम्पादक- देखिए ये महंगा … Continue reading चम्पादक और पुलिस संवाद…. (Mayank Saxena)

Mayank Saxena

चम्पादक कथा – चम्पादक के भाग से बम फूटा

हालांकि ये लिखना पड़ा, ये ही अपने आप में शर्मिंदा कर देने वाली घटना है…लेकिन इसके बावजूद ऐसा होता है…और व्यंग्य का उद्देश्य ही चुनौतियों और विडम्बना विरोध की समानांतर ताकत बनाए रखना है…इसलिए मैं ये रचना लिखने पर मजबूर हों…मेरी संवेदनशीलता को ठेस पहुंची है, ये व्यंग्य उसका प्रमाण है…हैदराबाद में जो हमारे साथ नहीं रहे, उनको श्रद्धांजलि के साथ…) कसाईनमेंट से अचानक से … Continue reading चम्पादक कथा – चम्पादक के भाग से बम फूटा