जिस वक़्त मैं यह लिख रही हूं, तलाशी ख़त्म नहीं हुई है – तीस्ता सेतलवाड

सरकार कारसाज़ है, भगवान की ही तरह…व्यापमं से लेकर तमाम और मामलों में सीबीआई जांच की ज़रूरत को ही नकार देने वाली सरकार ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही जाती रही सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सेतलवाड़ के घर पर सीबीआई का छापा पड़वाया…तीस्ता का अपराध वाकई बहुत बड़ा है…तीस्ता सेतलवाड़ गुजरात के 2002 के दंगों के पीड़ितों की क़ानूनी लड़ाई लड़ रही हैं…इंसाफ की … Continue reading जिस वक़्त मैं यह लिख रही हूं, तलाशी ख़त्म नहीं हुई है – तीस्ता सेतलवाड