An Invisible Minority – Rationalists in Contemporary India

Directed by- Raksha Kumar Producer & Commissioning Editor- Rajiv Mehrotra Festivals Mumbai, India Raksha Kumar an independent multimedia journalist focusing on politics, gender rights, social injustices and culture. A Fulbright and Chevening scholar, she graduated from the Journalism School, Columbia University. She has written for the New York Times, TIME magazine, Christian Science Monitor, DAWN, Caravan, Al Jazeera America, The Hindu and South China Morning … Continue reading An Invisible Minority – Rationalists in Contemporary India

I celebrate International Women’s day and its not an everyday matter – Rukmini Sen

If you do not say every day is my birthday, if you do not say everyday is Durga Puja, if you do not say every day is Independence day, if you do not say every day is Disability day, if you do not say every day is a day free of violence, restriction and discrimination in the world, do not say every day is women’s … Continue reading I celebrate International Women’s day and its not an everyday matter – Rukmini Sen

ओबीसी साहित्य की विचारधारा क्या होगी? – Dilip Mandal

  वही जो तथागत गौतम बुद्ध, सम्राट अशोक, नानक, बसवन्ना, कबीर, रैदास, शिवाजी महाराज, जिजाऊ माता, संभाजी महाराज, ज्योतिबा फुले, फ़ातिमा शेख, सावित्रीबाई फुले, शाहूजी महाराज, नारायणा गुरु, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, अछूतानंद, गाडगे महाराज,, अब्दुल कय्यूम अंसारी, पेरियार, ललई सिंह यादव, रामस्वरूप वर्मा, जगदेव प्रसाद, सर छोटूराम, कर्पूरी ठाकुर, बीपी मंडल की विचारधारा है। मानव श्रम की प्रतिष्ठा, किसानों, पशुपालकों, कारीगरों का सम्मान, निठल्लों … Continue reading ओबीसी साहित्य की विचारधारा क्या होगी? – Dilip Mandal

सवर्णों का समाज सुधर नहीं रहा है- Dilip Mandal

सवर्णों को जाति के नाम पर नफरत बंद करने का सबक देने के लिए ओबामा या पुतिन नहीं आएंगे. समाज सुधार के लिए यहीं पर किसी को यह काम करना होगा. सवर्ण बुध्दिजीवी, चिंतक, एक्टिविस्ट यह करने को तैयार नहीं हैं. गांधी की तरह वे भी “हरिजनों” को ही जगाना चाहते हैं. हरिजन जाग – जाग कर परेशान है. इतना सामाजिक जागरण हुआ है कि … Continue reading सवर्णों का समाज सुधर नहीं रहा है- Dilip Mandal

Dalit Media Watch:News Updates:16.08.2016

News Updates:16.08.2016   Can’t Return To Villages, Say Dalits Who Attended Una Rally In Thousands – NDTV http://www.ndtv.com/india-news/after-huge-dalit-rally-in-una-caste-tension-seethes-19-injured-1444670 Police fire in air hours after Gujarat Dalit rally in Una – The Indian Express http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/dalit-asmita-yatra-gujarat-una-dalit-flogging-2977507/ Rejected for being dalit, girl poisons herself – The Times Of India http://timesofindia.indiatimes.com/city/coimbatore/Rejected-for-being-dalit-girl-poisons-herself/articleshow/53716170.cms Violence breaks out after Una dalit sammelan, 11 injured – The Times Of India http://timesofindia.indiatimes.com/city/ahmedabad/Violence-breaks-out-after-Una-dalit-sammelan-11-injured/articleshow/53711606.cms c – The New … Continue reading Dalit Media Watch:News Updates:16.08.2016

रैली खत्‍म, नेता नदारद, हमले तेज़ : ऐतिहासिक यात्रा के बाद टाइम बम पर बैठा गुजरात का दलित समुदाय – Abhishek Srivastava

ऊना रैली की तस्‍वीरों पर चस्‍पां मेरी पिछली टिप्‍पणी पर सत्‍यम जी ने पूछा है कि इस घटना को उसकी तात्‍कालिकता में कम कर के क्‍यों आंका जा रहा है। मेरा जवाब सुनें: ऊना में आज समाप्‍त हुई दलित अस्मिता रैली को उसकी तात्‍कालिकता और दीर्घकालिकता में वे लोग कम कर के आंक रहे हैं जो तस्‍वीरों को देखकर ‘इंकलाबित’ हैं। मुझे कोई गफ़लत नहीं … Continue reading रैली खत्‍म, नेता नदारद, हमले तेज़ : ऐतिहासिक यात्रा के बाद टाइम बम पर बैठा गुजरात का दलित समुदाय – Abhishek Srivastava

हे सवर्ण भाइयों, आओ ‘ऊना क्रांति’ का स्वागत करें, इंसान बनें !- Pankaj Srivastava

मनु जी तुमने वर्ण बना दिए चार ! जा दिन तुमने वर्ण बनाये, न्यारे रंग बनाये क्यों ना ? गोरे ब्राह्मण, लाल क्षत्री, बनिया पीले बनाये क्यों ना ? शूद्र बनाते काले वर्ण के, पीछे का पैर लगाये क्यों ना ? -अछूतानंद स्वामी अछूतानंद के इस सवाल का जवाब तो ब्रह्मा भी नहीं दे सकते, लेकिन ब्रह्मा के मुँह, भुजा, जंघा और पैर से पैदा … Continue reading हे सवर्ण भाइयों, आओ ‘ऊना क्रांति’ का स्वागत करें, इंसान बनें !- Pankaj Srivastava

उन्होंने अपना श्मशान इस्तेमाल करने नहीं दिया – Dilip Mandal

राजस्थान के दौसा जिले की महवा तहसील के हुड़ला गांव में उस दिन बरसात तेज थी. SC परिवार की एक औरत की मौत हो गई थी और उसका दाह संस्कार होना था. देश के इस हिस्से में जातियों के अलग श्मशान हैं. कई राज्यों में ऐसा है. किसी एक जाति के शमशान पर टीन का शेड है. मृतक के परिवार वालों ने उनसे अनुरोध किया … Continue reading उन्होंने अपना श्मशान इस्तेमाल करने नहीं दिया – Dilip Mandal

बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर

इस सप्ताह बाल श्रम (प्रतिबंधन एवं विनियमन) अधिनियम,2012 राज्य सभा में पास हो गया. लोकसभा में पास होने के बाद इस कानून को अमली जामा पहनाने के लिए इसके नियम बनाये जायेंगे और यह एक कानून बन जाएगा. इस कानून में कुछ बदलाव सकारात्मक हैं जैसे इसके अंतर्गत बालश्रम रखने को एक संज्ञेय अपराध बनाया गया है तथा इसके लिए अधिक सजा और जुर्माने और … Continue reading बालश्रम उन्मूलन के लिए नया कानून: क्या यह हमारी स्थापित जाती व्यवस्था को बढाने का औजार नहीं है? –किशोर