बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे – Dilip Mandal

बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे.   हैदराबाद – सिकंदराबाद की राजनीति लंबे समय से हिंदू बनाम मुस्लिम के द्वेत यानी binary में फंसी थी. एक तरफ ओवैसी परिवार तो दूसरी तरफ बीजेपी, आरएसएस. हैदराबाद यूनिवर्सिटी शहर के अंदर होते हुए भी इस द्वेत से अलग चल पड़ी. आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बाकी लोकतांत्रिक ताकतों के साथ … Continue reading बीजेपी-RSS को सामने ओवैसी चाहिए, सामने कोई रोहित आया, तो उसे तबाह कर देंगे – Dilip Mandal

68 साल का मुल्क, 18 साल का नौजवान होता है – राकेश कायस्थ

मुल्क की जिंदगी में 68वें साल की कुछ वैसी ही अहमियत है, जैसे किसी नौजवान की जिंदगी में 18 वें साल की। गिरता-संभलता, लखड़खडाता और लड़कपन की गलतियों को भुलाता भारत अपने अनगिनत सपनों के साथ नई मंजिल की तरफ बढ़ने को बेताब है। ये सच है कि देश हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है। लेकिन ये भी सच है कि व्यक्ति के बिना देश … Continue reading 68 साल का मुल्क, 18 साल का नौजवान होता है – राकेश कायस्थ

दलितों की ही घर वापसी क्यों? – कँवल भारती

खबर है कि तमिलनाडु में संघ परिवार के भगवा संगठन ‘हिन्दू मक्कल काची’ ने 18 दलित ईसाईयों की हिन्दूधर्म में घर-वापसी कराई है. ये सभी लोग गरीब घरों से हैं और दिहाड़ी मजदूर हैं. इधर विश्व हिन्दू परिषद् के नेता प्रवीण तोगड़िया ने भी पश्चिम बंगाल के बीरभूमि में पचास लाख गरीब आदिवासियों की घर वापसी कराने का एलान किया है. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश … Continue reading दलितों की ही घर वापसी क्यों? – कँवल भारती

Conversions in Gujarat: Whom Does Modi Represent? – Badri Raina

In the wake of his conflict with Gandhi over the caste/Dalit question, B.R.Ambedkar, later to be the chief architect of India’s Constitution making, had determined, as early as 1935—the year the Government of India Act was passed—to leave the Hindu fold. Upon a deeply considered evaluation of the social content of all major religious faiths, Ambedkar chose the Buddhist faith as the most befitting social/spiritual … Continue reading Conversions in Gujarat: Whom Does Modi Represent? – Badri Raina