गांधी और अंबेडकर के एक होने का वक्त आ गया है – Rakesh Kayasth

इतिहास के कुछ कालखंड निर्णायक होते हैं। हम एक ऐसे ही निर्णायक कालखंड में दाखिल हो चुके हैं। यह समय बीसवीं सदी के दो सबसे प्रखर बौद्धिक विचारों के एक होने का है। वो विचार जिन्हे हमेशा दो अलग ध्रुव माना गया और दोनो अलग-अलग रहे भी। ये विचार हैं, गांधीवाद  और अंबेडकरवाद। तीस के दशक में गांधी और अंबेडकर के बीच गहरा वैचारिक और … Continue reading गांधी और अंबेडकर के एक होने का वक्त आ गया है – Rakesh Kayasth

मैं इस गणतंत्र दिवस पर संविधान के पक्ष में खड़े होने का फैसला करता हूँ – Himanshu Kumar

आज गणतंत्र दिवस है सुबह से देशभक्ति का माहौल गरम है रेडियो पर सैनिकों की वीरता के गाने बज रहे हैं क्या आज के दिवस का ताल्लुक सिपाहियों से है ? क्या आज के दिवस का सम्बन्ध दुश्मन देश और हमारी वीरता से है नहीं आज के दिवस का ताल्लुक तो संविधान के लागू होने से है और संविधान क्या है ? संविधान भारत के … Continue reading मैं इस गणतंत्र दिवस पर संविधान के पक्ष में खड़े होने का फैसला करता हूँ – Himanshu Kumar

Sheetal Sathe & Troupe at Lamakaan for #JusticeForRohith – 1

Published on Feb 15, 2016 http://www.lamakaan.com/events/2820 “It may be recalled that the KKM, a working class and mostly Dalit cultural troupe, was forced to go into hiding in 2011 after the police arrested and tortured one of them on suspicion of associating with Naxalites. In 2012 a documentary film “Jai Bhim Comrade” featuring the KKM won a National Award and a Maharashtra State award. The … Continue reading Sheetal Sathe & Troupe at Lamakaan for #JusticeForRohith – 1