In the age of Godse & Savarkar – Bhagat Singh is the Youth Icon India Needs

t a time when Bharat Ratra is being demanded for Savarkar and Godse is being called #Deshbhakt in the Parliament by Pragya Thakur – we take a look at the REAL deshbhakt who should be getting the nation’s highest award. Bhagat Singh has always been hailed as a brave young revolutionary, who fought the British till the end. In this episode we take a look … Continue reading In the age of Godse & Savarkar – Bhagat Singh is the Youth Icon India Needs

ओ भगत सिंह दीवाने – Pankaj Srivastava

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के जन्मदिन समारोह की तैयारियों के बीच इंकलाबी सलाम के साथ पेश है एक गीत — ओ भगत सिंह दीवाने —————————— ओ भगत सिंह दीवाने आज़ादी के परवाने तेरा हैट चुरा के पंडे लगे पगड़ी हैं पहनाने लो अँगड़ाई एक बार फिर, करो लड़ाई पूरी क्योंकि…. ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है ! खून पीने वालों के सर सजा … Continue reading ओ भगत सिंह दीवाने – Pankaj Srivastava

सुभाषचन्द्र बोस और जवाहरलाल नेहरू – Mayank Saxena

सुभाषचन्द्र बोस और जवाहरलाल नेहरू – ये पूरी बहस पिछले लगभग 75-80 साल से चलती आ रही है…सवाल ये है कि हम इस मामले को क्या रेशनल हो कर देखते हैं…तो हम कैसे रेशनल हो कर देख सकते हैं…क्योंकि हम उस वक्त थे नहीं…ऐसे में रेशनल होने के लिए निष्पक्ष तर्क अपनाने के लिए सभी को पढ़ना पड़ेगा…सब यानी कि सिर्फ वो लोग नहीं, जो … Continue reading सुभाषचन्द्र बोस और जवाहरलाल नेहरू – Mayank Saxena

नये नेताओं के अलग-अलग विचार (Different views of new leaders) – भगतसिंह

Date Written: July 1928 Author: Bhagat Singh Title: Different views of new leaders (Naye netaon ke alag alag vicar) First Published: in Kirti July 1928. जुलाई, 1928 के ‘किरती’ में छपे इस लेख में भगतसिंह ने सुभाषचन्द्र बोस और जवाहरलाल नेहरू के विचारों की तुलना की है। असहयोग आन्दोलन की असफलता के बाद जनता में बहुत निराशा और मायूसी फैली। हिन्दू-मुस्लिम झगड़ों ने बचा-खुचा साहस भी खत्म … Continue reading नये नेताओं के अलग-अलग विचार (Different views of new leaders) – भगतसिंह

सांझी शाहदत सांझी विरासत

अवतार सिंह पाश की याद में ! “नौजवानों जो तबियत में तुम्हारी खटके, याद कर लेना हम को भी भूले भटके” ….. बिस्मिल की ये पंक्तियाँ आज (23 मार्च, शहादत दिवस) से बहुत याद आ रही हैं. सिर्फ इसलिए नहीं कि वो भगत सिंह का शहादत दिवस था. भगत सिंह को तो सबने अपने अपने ढंग से याद किया ही. चाहे वो मुख्यधारा की पार्टियाँ … Continue reading सांझी शाहदत सांझी विरासत

Why I am an Atheist – Bhagat Singh

It is a matter of debate whether my lack of belief in the existence of an Omnipresent, Omniscient God is due to my arrogant pride and vanity. It never occurred to me that sometime in the future I would be involved in polemics of this kind. As a result of some discussions with my friends, (if my claim to friendship is not uncalled for) I … Continue reading Why I am an Atheist – Bhagat Singh