भारत की वंचित जातिः बेतिया के डोम-मेहतर ज़िंदगी गुज़ारने के लिए बांस की बिनाई और मानव मल की सफ़ाई करते हैं

बिहार के बेतिया में दलितों का जीवन जातिवादी नीच काम और भेदभाव के बीच फँसा हुआ है जो सरकार द्वारा उनपर थोपा गया है। डब्लू मलिक पैसा कमाने के लिए शहर जाते हैं और वहाँ सफ़ाई कर्मचारी के रूप में काम करते हैं। बांस से बनी अपनी झोपड़ी के अंदरूनी हिस्से को दिखाते हुए डब्लू मलिक कहते हैं, “हमारे दादा 50 साल पहले परसौना गांव … Continue reading भारत की वंचित जातिः बेतिया के डोम-मेहतर ज़िंदगी गुज़ारने के लिए बांस की बिनाई और मानव मल की सफ़ाई करते हैं