तर्जनी की छुअन से थरथराता यह हथियार लेकिन कोई मयार्दा नहीं जानता, साठ सैकिंड उर्फ छः सौ गोली का आफताबः आशुतोष भारद्वाज

बंदूक कमबख्त बड़ी कमीनी और कामुक चीज रही। सुकमा के जंगल में काली धातु चमकती है। स्कूल के एनसीसी दिनों में पाषाणकालीन थ्री-नाट-थ्री को साधा था — बेमिसाल रोमांच। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान रायफल के बट की धमक आज भी स्मृति फोड़ती है। लेकिन यहां एसएलआर यानी सैल्फ-लोडिंग राइफल और मानव इतिहास की सबसे मादक और मारक हमला बंदूक एके-47। भारतीय आजादी के साल … Continue reading तर्जनी की छुअन से थरथराता यह हथियार लेकिन कोई मयार्दा नहीं जानता, साठ सैकिंड उर्फ छः सौ गोली का आफताबः आशुतोष भारद्वाज