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आंबेडकर के लोकतांत्रिक समाजवाद से क्यों असहमत थी संविधान सभा?

डॉ. आंबेडकर ने 15 मार्च 1947 को संविधान में कानून के द्वारा ‘राज्य समाजवाद’ को लागू करने के लिए संविधान सभा को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की थी कि भारत के संविधान में यह घोषित किया जाए कि उद्योग, कृषि, भूमि और बीमा का राष्ट्रीयकरण होगा तथा खेती का सामूहिकीकरण। लेकिन संविधान सभा ने ऐसा होने नहीं दिया। बता रहे हैं कंवल भारती संविधान दिवस (26 नवंबर 1949) पर विशेष डॉ. … Continue reading आंबेडकर के लोकतांत्रिक समाजवाद से क्यों असहमत थी संविधान सभा?

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Why the Constituent Assembly disagreed with Ambedkar’s democratic socialism

On 15 March 1947, Dr Ambedkar gave a memorandum to the Constituent Assembly for implementing “state socialism” through the Constitution. He wanted the Indian Constitution to mandate the nationalization of industry, agriculture, land and insurance, and collectivization of farming. But the Constituent Assembly did not let this happen, writes Kanwal Bharti Dr B.R. Ambedkar was knowledgeable about Constitutions adopted around the world and believed that the … Continue reading Why the Constituent Assembly disagreed with Ambedkar’s democratic socialism

In Ballia In 1981 To Cover the Rape of a Young Dalit Girl

SEEMA MUSTAFA | 31 MAY, 2019     It was 1981. I was a cub reporter in the Indian Express covering crime, plus everything else that took my fancy. It was a delightful period, post Emergency when journalism and journalists were charged with new passion, a “we will not allow any government interference” mood. The Indian Express was a reporters newspaper, never really belonging to … Continue reading In Ballia In 1981 To Cover the Rape of a Young Dalit Girl

Teesta Setalvad honoured with medal of courage

Visiting social justice activist from India Teesta Setalvad was honoured with medal of courage by Radical Desi publications and Indians Abroad For Pluralist India at an event organized in commemoration of the Jallianwala Bagh massacre on Friday, April 13. Held at the Surrey Central Library, the event was organized to launch the Punjabi edition of Foot Soldier of the Constitution. Originally, authored by Setalvad in … Continue reading Teesta Setalvad honoured with medal of courage

गांधी और अंबेडकर के एक होने का वक्त आ गया है – Rakesh Kayasth

इतिहास के कुछ कालखंड निर्णायक होते हैं। हम एक ऐसे ही निर्णायक कालखंड में दाखिल हो चुके हैं। यह समय बीसवीं सदी के दो सबसे प्रखर बौद्धिक विचारों के एक होने का है। वो विचार जिन्हे हमेशा दो अलग ध्रुव माना गया और दोनो अलग-अलग रहे भी। ये विचार हैं, गांधीवाद  और अंबेडकरवाद। तीस के दशक में गांधी और अंबेडकर के बीच गहरा वैचारिक और … Continue reading गांधी और अंबेडकर के एक होने का वक्त आ गया है – Rakesh Kayasth

कम्पनियों की दलाली के लिये राष्ट्रवाद का नाटक हम नहीं चलने देंगे-Himanshu Kumar

नजीब को पीटने और गायब करने के आरोपी एबीवीपी के लड़कों की पैरवी करने के लिये वकीलों की फर्म लूथरा एण्ड लूथरा ला कंपनी को लगाया गया है, इस कंपनी के वकील भारत के सबसे मंहगे वकील होते हैं, अरुण जेटली साहब व्यक्तिगत रूप से नजीब केस के आरोपियों को बचाने की कार्यवाही की नियमित देखरेख कर रहे हैं, रामजस कालेज में प्रोफेसरों और लड़कियों … Continue reading कम्पनियों की दलाली के लिये राष्ट्रवाद का नाटक हम नहीं चलने देंगे-Himanshu Kumar

“I am Dominant” – Dontha Prashanth

Someone dubbed me dominant, am I not??? Indeed I am… Dominant in confronting caste since childhood Dominant in confronting inferiority for lacking in English Dominant in speaking butler English as an aspiration to learn English Dominant in challenging the stereotypes that Dalits cannot speak English Dominant in articulating our experience which is othered as seeking identity Dominant in sloganeering Jai Bhim and not Jai Bhim … Continue reading “I am Dominant” – Dontha Prashanth

मैं इस गणतंत्र दिवस पर संविधान के पक्ष में खड़े होने का फैसला करता हूँ – Himanshu Kumar

आज गणतंत्र दिवस है सुबह से देशभक्ति का माहौल गरम है रेडियो पर सैनिकों की वीरता के गाने बज रहे हैं क्या आज के दिवस का ताल्लुक सिपाहियों से है ? क्या आज के दिवस का सम्बन्ध दुश्मन देश और हमारी वीरता से है नहीं आज के दिवस का ताल्लुक तो संविधान के लागू होने से है और संविधान क्या है ? संविधान भारत के … Continue reading मैं इस गणतंत्र दिवस पर संविधान के पक्ष में खड़े होने का फैसला करता हूँ – Himanshu Kumar