आप पार्टी के निर्माण में राष्ट्रवाद की भावना उसकी नींव में है- संदीप पांडेय

  दिल्ली में आप की अभूतपूर्व सफलता के बाद सामाजिक कार्यों से जुड़े कुछ मित्र तो मुझे सलाह दे रहे हैं कि मैं भी आप में शामिल हो जाऊं तो कई ये पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए? कुछ तो यह मान कर चल रहे हैं कि आप से मेरा निकट का सम्बंध हैं और चाह रहे हैं कि मैं उनके इलाके से … Continue reading आप पार्टी के निर्माण में राष्ट्रवाद की भावना उसकी नींव में है- संदीप पांडेय

आम आदमी पार्टी की सफलता पर राम नरेश राम के सवाल – (कँवल भारती)

        दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सफलता पर दिल्ली विश्वविद्यालय से शोध छात्र राम नरेश राम ने अपनी चिन्ताओं पर कुछ सवाल मुझसे पूछे हैं. उनका पहला सवाल है– ‘क्या इस पार्टी ने भारतीय राजनीति के एजेंडे को बदल दिया है?’ मेरी अपनी ओपिनियन यह है कि ऐसा अभी तक तो नहीं हुआ है. शायद अभी आम आदमी पार्टी का ही … Continue reading आम आदमी पार्टी की सफलता पर राम नरेश राम के सवाल – (कँवल भारती)

यह न क्रान्ति है, न परिवर्तन – कॅंवल भारती (Kanwal Bharti)

चार राज्यों के चुनाव-परिणामों पर मुझे कुछ नहीं लिखना था, क्योंकि इन चुनावों ने अपने परिणामों का आभास पहले ही करा दिया था। मैं क्या पूरा देश जानता था कि क्या होने वाला है? कारण साफ था कि जनता के सामने कोई विकल्प नहीं था। काॅंग्रेस को हारना ही था, क्योंकि उसका टिकट-वितरण भी गलत था। उसने राजस्थान में बलात्कारियों और अपराधियों के परिजनों को … Continue reading यह न क्रान्ति है, न परिवर्तन – कॅंवल भारती (Kanwal Bharti)