ताकि जवाब और जवाबदेहियाँ तय हो सकें! – क़मर वहीद नक़वी |

            (लोकमत समाचार, 15 मार्च 2014) खीर टेढ़ी है! पत्रकार ने इंटरव्यू किया. बवंडर मचा है कि इंटरव्यू ईमानदार था कि बेईमान? लोग तय नहीं कर पा रहे हैं! यू ट्यूब पर लाखों लोग उस क्लिप को देख चुके हैं. पर आँखों देखा सच वही, जो देखनेवाले की आँख देखे या देखना चाहे! कुछ को दिखा कि यह इंटरव्यू फ़िक्स … Continue reading ताकि जवाब और जवाबदेहियाँ तय हो सकें! – क़मर वहीद नक़वी |