‘काली खेती’ का गोरखधन्धा! – क़मर वहीद नक़वी

Mar19 देश के सात-आठ लाख लोगों को दो साल में खेती से 26 करोड़ करोड़ रुपये की आमदनी कहाँ से हो गयी? जी, यहाँ करोड़ ग़लती से दो बार टाइप नहीं हुआ. अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इन लोगों ने दो साल में यह कमाई सिर्फ़ खेती से दिखायी है. और आपको जान कर हैरानी होगी कि यह रक़म भारत की मौजूदा जीडीपी की 16 … Continue reading ‘काली खेती’ का गोरखधन्धा! – क़मर वहीद नक़वी

….और देश सोने की चिड़िया बन जायेगा! — क़मर वहीद नक़वी

      लो जी, अब ख़ुश! लहर आ गयी है! सब जगह लहर बोल रही है. देखो रे देखो, मैं आ गयी! टीवी वाले, अख़बार वाले बता रहे हैं. जैसे मानसून आता है, वैसे ही बता रहे हैं लहर आ रही है. लोग लहरा रहे हैं! भीग-भीग कर झूम रहे हैं! वैसे ही जैसे पब और डिस्कोथिक में लहराते हैं, झूमते हैं. नाचो, गाओ, … Continue reading ….और देश सोने की चिड़िया बन जायेगा! — क़मर वहीद नक़वी