Can Civilization Survive Capitalism? – Noam Chomsky

The term “capitalism” is commonly used to refer to the U.S. economic system, with substantial state intervention ranging from subsidies for creative innovation to the “too-big-to-fail” government insurance policy for banks. The system is highly monopolized, further limiting reliance on the market, and increasingly so: In the past 20 years the share of profits of the 200 largest enterprises has risen sharply, reports scholar Robert … Continue reading Can Civilization Survive Capitalism? – Noam Chomsky

भाषा का फासीवाद- अपूर्वानंद

भाषा का कार्य न तो प्रगतिशील होता है और न प्रतिक्रियावादी, वह मात्र फासिस्ट है: क्योंकि फासिज़्म अभिव्यक्ति पर पाबंदी नहीं लगाता, दरअसल वह बोलने को बाध्य करता है. रोलां बार्थ का यह वक्तव्य पहली नज़र में ऊटपटांग और हमारे अनुभवों के ठीक उलट जान पड़ता है. हम हमेशा से ही फासिज़्म को अभिव्यक्ति का शत्रु मानते आए हैं. लेकिन बार्थ के इस वक्तव्य पर … Continue reading भाषा का फासीवाद- अपूर्वानंद

यह राजनीति नहीं, राखनीति है जो सब राख कर देगी – Qamar Waheed Naqvi

दंगा आया और चला गया. एक बार फिर हमें नंगा कर गया. लेकिन इस बार जैसा दंगा आज से पहले कभी नहीं देखा. पहली बार इतने मुखौटे उतरे हुए देखे, पहली बार देखे सारे चेहरे कीचड़ सने हुए. पार्टी, झंडा, टोपी, निशान तो बस दिखाने के दाँत रहे, उनके खानेवाले दाँतों ने दंगे की भरपेट दावत उड़ायी. मुज़फ़्फ़रनगर ने सचमुच सारी राजनीतिक पार्टियों के कपड़े … Continue reading यह राजनीति नहीं, राखनीति है जो सब राख कर देगी – Qamar Waheed Naqvi

स्वर्ण युग का भस्मासुर – Ravish Kumar

राजनीति आपकी कमज़ोर स्मृतियों के सहारे ऐसे मिथक की रचना करती है जिसका कोई व्यावहारिक आधार नहीं होता है। हम हर पंद्रह अगस्त और छब्बीस जनवरी को जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा, सुन कर भावविभोर होते रहते हैं। पर एक पल के लिए सोचते तो होंगे कि क्या सचमुच ऐसा कोई काल रहा होगा जब … Continue reading स्वर्ण युग का भस्मासुर – Ravish Kumar

जनरल वी के सिंह- यक रहैन ईर यक रहैन वीर – Ravish Kumar

आदरणीय पूर्व सेनाध्यक्ष वी के सिंह जी, जैसा कि आप जानते हैं मैं बड़े लोगों को चिट्ठियाँ लिखता हूँ । दो दिनों से बोख़ार के कारण बेचैन मन के लिए समय व्यतीत करने का अच्छा तरीक़ा भी है । आप जानते ही हैं कि जब से पत्रकारिता शोरगुल वाली हो गई और दर्शक तू तू मैं मैं की चौपाल में टीवी से लेकर ट्वीटर तक … Continue reading जनरल वी के सिंह- यक रहैन ईर यक रहैन वीर – Ravish Kumar

समाजवादी पार्टी और बीजेपी में घिनौना गँठजोड़ – Qamar Waheed Naqvi

उत्तर प्रदेश से अब तक जो भी ख़बरें सामने आयी हैं, उनसे एक ही निष्कर्ष निकलता है कि वहाँ समाजवादी पार्टी और बीजेपी में घिनौना गँठजोड़ हो चुका है, ताकि 2014 के चुनाव में दोनों को फ़ायदा पहुँच सके. मुज़्फ़्फ़रनगर में जिस तैयारी के साथ और जितने सुनियोजित तरीक़े से दंगा भड़काया गया, जिस प्रकार एक फ़र्ज़ी वीडियो को गाँव-गाँव तक फैलने दिया गया, जिस … Continue reading समाजवादी पार्टी और बीजेपी में घिनौना गँठजोड़ – Qamar Waheed Naqvi