The writer continues to be the worst-paid and most-exploited creative person in this film industry of ours- Jaideep Verma

The Indian film industry is always ripe for controversies about credit because of the illiterate and uncouth manner people in decision-making capacities on films handle these things here. Here are some simple (rhetorical) questions. When an actor gets significant inputs from the director or the writer or anyone else for a role, does he/ she…

राजनीतिक ताकत खैरात में नहीं मिलती – Rakesh Kayasth

राजनीतिक शब्दावली में जिसे लिबरल डेमोक्रेट कहते हैं, मैं उसी तरह का आदमी हूं। वामपंथियों और दक्षिणपंथियों के संपर्क में बराबर-बराबर रहा हूं, इसलिए झुकाव किधर है, यह तय कर पाना मुश्किल है। बहुत सी सामाजिक परंपराओं में आस्था है। धर्म भी मानता हूं, इसलिए परंपरागत अर्थ में आप मुझे दक्षिणपंथ की तरफ झुका आदमी…

रवीश बड़े नहीं ये वक्त बहुत छोटा है- Rakesh Kayasth

  बड़ी शख्सियतों की परछाइयों तक से मुझे  डर लगता है या खुलकर कहूं तो एलर्जी है। अनगिनत नामचीन लोगो से टकराने के बावजूद कभी निजी पीआर में नहीं पड़ा। मेरे व्यकित्व की अपनी सीमाएं, मेरा इगो, आप जो भी मानें। ऐसे में मुझे अपने किसी समकालीन या हमपेशा आदमी पर लेख लिखना पड़े तो…