तुम बचे रह गए पुरुष और मैं दूर होती गई- Ila Joshi

मैं औरत हूं और मुझे नहीं चाहिए पिता की संपत्ति में हिस्सा भाई से कोई तोहफ़ा पति से निजी खर्च और बेटे से बुढ़ापे का सहारा ये सब तुम रख लो और साथ में रख लो मेरा धर्म, जात और मेरा तुम्हारे साथ वो हर रिश्ता जो मेरे औरत बने रहने में मुझे तक़लीफ़ देते हैं इस असल के सूद में मैं दूंगी तुम्हें मेरा … Continue reading तुम बचे रह गए पुरुष और मैं दूर होती गई- Ila Joshi

PROTEST – Ella Wheeler Wilcox

To sin by silence, when we should protest, Makes cowards out of men. The human race Has climbed on protest. Had no voice been raised Against injustice, ignorance, and lust, The inquisition yet would serve the law, And guillotines decide our least disputes. The few who dare, must speak and speak again To right the wrongs of many. Speech, thank God, No vested power in … Continue reading PROTEST – Ella Wheeler Wilcox

गांधी का प्रश्न गोडसे का उत्तर

  गांधी ने अहिंसक प्रश्न किया मेरा चरखा तुम लोगे तो मेरी सादगी मेरी अहिंसा मेरा डंडा और गोली कौन लेगा ? जिनसे हुआ था प्रश्न वे तो रहे निरुत्तर फिर गोडसे का आया आसमानी उत्तर हम तुमको फिर देंगे वैसी ही मौत रखो अपनी उत्तेजना पर काबू….. हे भोले बापू…. हम सब कुछ तुम्हारी लाश पर करेंगे पहले गोली से मारा अब भक्ति से … Continue reading गांधी का प्रश्न गोडसे का उत्तर

ये टाप भी कैसी लोरी है – Ravinder Randhawa

पांच साल की गुड़िया मेरी नींद में बातें करती है बाबा तुम सच में झूठे हो रोते रोते वो कहती है गोली चलती, बारूद फटे जब वो बिस्तर में छुप जाती है में कहता हूँ डर मत बिटिया कहीं दूर किसी की शादी है ये शोर मुझे अच्छा नहीं लगता और रोज़ की आतिशबाज़ी भी माँ गयी थी जिस दिन छोड़ मुझे उस दिन भी … Continue reading ये टाप भी कैसी लोरी है – Ravinder Randhawa

धर्म में लिपटी वतन परस्ती क्या क्या स्वांग रचाएगी -गौहर रज़ा

‪#‎IStandWithGauharRaza‬ ‘धर्म में लिपटी वतन परस्ती क्या क्या स्वांग रचाएगी मसली कलियाँ, झुलसा गुलशन, ज़र्द ख़िज़ाँ दिखलाएगी यूरोप जिस वहशत से अब भी सहमा सहमा रहता है खतरा है वह वहशत मेरे मुल्क में आग लगायेगी जर्मन गैसकदों से अबतक खून की बदबू आती है अंधी वतन परस्ती हम को उस रस्ते ले जायेगी अंधे कुएं में झूट की नाव तेज़ चली थी मान लिया … Continue reading धर्म में लिपटी वतन परस्ती क्या क्या स्वांग रचाएगी -गौहर रज़ा

अख़लाक़ के फ्रिज में रखी थी रोहित की अस्थियां – Mayank Saxena

अख़लाक़ के फ्रिज में रखी थी रोहित की अस्थियां और उसकी फैलोशिप एक गाय के पेट में गाय का पेट था नागपुर की तिजोरी में और नागपुर है लिपटा गेरुए कपड़े में ख़ाकी धागे से बंधा आग लगती है तो सबसे पहले पानी डाला जाता है गेरुए कपड़े पर और भीग जाती है अंदर रखी गाय रोहित की अस्थियां और अख़लाक का फ्रिज दोनों को … Continue reading अख़लाक़ के फ्रिज में रखी थी रोहित की अस्थियां – Mayank Saxena

मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire

मैंने तेरा खत पढ़ा और रहा में चुप खड़ा तू आया रोया मर गया तू लड़ गया सूली चढ़ा सितारों की तू धुल था तू जंगलों का फूल था मैं सदियों का फंसा हुआ मैं सदियों का धंसा हुआ सड़ा हुआ सही मगर मेरा भी एक उसूल था विज्ञान मेरी जेब में और ज्ञान मेरे सर चढ़ा वो तुझको ना बचा सका जो कुछ भी … Continue reading मैंने तेरा खत पढ़ा – Swanand Kirkire