आज देश किस आधार पर मान ले कि सीबीआई प्रधानमंत्री का तोता नहीं है? – Nitin Thakur

एनडीटीवी प्रमोटर पर छापे के दौरान ज़ी अजीब सी खुशी के साथ खबर चला रहा था. शायद उन्हें इस बात की शिकायत है कि जब उनकी इज्ज़त का जनाज़ा निकल रहा था तब उनका साथ किसी ने नहीं दिया. ज़ी का दर्द एक हद तक सही भी है. तब सभी ने चौधरी और अहलूवालिया का…

Vimal Thorat speaks about Dalit Feminism with Teesta Setalvad

Vimal Thorat, Convenor of the National Campaign for Dalit Human Rights (NCDHR) and a former professor of Hindi at the Indira Gandhi National Open University (IGNOU), in this exclusive and detailed interview to Teesta Setalvad speaks of her decades long struggle to ensure that Dalit literature from seven Indian languages (translated into Hindi) is available…

I am returning my Awards because I am deeply concerned and ashamed of what this government is doing to this country and to its own people – Pradip Kishen

I don’t work or perhaps even think as a film maker any more. But many years ago, someone in their folly or wisdom thought to give 2 of the films I made National Awards. Today, in solidarity with the students of the FTII who are being bullied and humiliated into accepting 3rd rate people to…

अख़लाक़ को मारा किसने – Shyam Anand Jha

अख़लाक़ को मारा किसने गोमांस खाना या नहीं खाना मुद्दा नहीं है। इन हत्याओं के पीछे जो मुख्य मुद्दा है उसे हमसे आपसे छिपाया जा रहा है। और ऐसा सिर्फ बीजेपी ही नहीं कर रही। सारा सिस्टम एक साजिश के तहत इस तरह से काम कर रहा है ताकि आपको मूल बातों से दूर रखा…

मेरे सवाल आप से हैं, आप चुप क्यों हैं? – आपके नाम रवीश की चिट्ठी

फासीवाद की खासियत है कि हर विरोध करने वाले को ही नहीं, हर तर्क करने वाले को ख़तरा समझा जाता है। उसका दमन होता है और इसकी शुरुआत धमकी, गाली-गलौज और फिर मिथ्या प्रचार या छवि खराब करने से होती है। फासीवादी शासक जानते हैं कि छवि खराब करना, हत्या करने से ज़्यादा प्रभावी और…