“परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

लखनऊ, 04 जनवरी 2017। यूपी में परिवारवाद की जंग लड़ रही सपा द्वारा लोकतांत्रिक आवाजों के दमन और वादा खिलाफी के खिलाफ रिहाई मंच 16 जनवरी को लखनऊ में करेगा सम्मेलन। दस वर्ष पूर्व 16 जनवरी 2007 को रिहा हुए कोलकाता के आफताब आलम अंसारी की मां आयशा बेगम द्वारा रिहाई आंदोलन के एक दशक पूरा होने पर बरी बेगुनाह नौजवानों पर एक पुस्तक जारी … Continue reading “परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

No Place for Self-Pity, No Room for Fear

In times of dread, artists must never choose to remain silent. By Toni Morrison Christmas, the day after, in 2004, following the presidential re-election of George W. Bush. I am staring out of the window in an extremely dark mood, feeling helpless. Then a friend, a fellow artist, calls to wish me happy holidays. He asks, “How are you?” And instead of “Oh, fine—and you?”, … Continue reading No Place for Self-Pity, No Room for Fear

Sobering facts for Moditoon- Rajat Datta

Moditoons (Cartoons who love Modi) are crowing about the surgical strike unleashed by the supreme leader on `black’ money. Facts obviously don’t bother them, what matters is devotion. Here are some cold, sobering facts: • 47 percent of Indians do not have bank accounts till date (it was about 54 percent in 2014). • About 43 per cent of these bank accounts are dormant. • … Continue reading Sobering facts for Moditoon- Rajat Datta

पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

सवाल कई हैं, संदेह कई है। चूंकि हमारे लिए ये एक बिलकुल नई घटना है तो सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते है। असल परिणाम क्या होंगे ये तो अभी भविष्य की गर्भ में है। ये भी हो सकता है कि ये कदम, सच में सरकार ने, ईमानदारी से देश हित में उठाया हो और देश को निकट भविष्य में इसका लाभ मिले। पर देश में कौन-कौन शामिल है ये एक अलग मसला है। किसान आदिवासी मजदूर दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा? Continue reading पांच सौ और हजार के नोटो का इस्तेमाल लगभग गैर क़ानूनी हो जाएगा:किसान, आदिवासी मजदूर,दलित, क्या ये भी उसी देश की परिभाषा में शामिल है जिस देश को इस कदम का लाभ मिलेगा?

My First Roza was in a Durga Pooja Pandal: Amir Rizvi

I don’t remember when I started praying and keeping my Rozas ( the fast during Ramzan). Every child starts aping their parents and I guess I used to do the same. During Ramzan as kids we had the half ticket concept, either fast for half a day “aadhe din ka roza” or the more popular was “aadhe mooh ka roza”: we were allowed to eat … Continue reading My First Roza was in a Durga Pooja Pandal: Amir Rizvi

I don’t know why everyone is asking me to imagine the trauma of Najeeb’s mother and sister. I am Hindu, an upper caste to boot- Deepak Venkatesha

I don’t know why everyone is asking me to imagine the trauma of Najeeb’s mother and sister. I am a majority of the religion Hindu, a upper caste to boot. Why should I imagine their trauma. Arre they are Muslims yaar and they are the minority. They have always stayed in Ghettos. I don’t care that we put them in there the first place. I … Continue reading I don’t know why everyone is asking me to imagine the trauma of Najeeb’s mother and sister. I am Hindu, an upper caste to boot- Deepak Venkatesha

‘अपने वाले’ या ‘अपने भाई जात ‘ क्या होता है ? Mithun Prajapati

मैं अक्सर लोगों के मुंह से कहते हुए सुनता हूँ ,आप तो अपने वाले हो। या कभी-कभी कोई पूछ लेता है , आप अपने भाई जात नहीं हो ? शुरुआत में तो मैं सोच में पड़ जाता की ये ‘अपने वाले’ या ‘अपने भाई जात ‘ क्या होता है।लोगों के इस प्रश्न का क्या जवाब हो सकता है की आप अपने वाले हो ! बचपन … Continue reading ‘अपने वाले’ या ‘अपने भाई जात ‘ क्या होता है ? Mithun Prajapati