Gandhi, Aligarh and two minutes of silence- Sehba Imam

I grew up in a fanatically secular home, with no gods but lots of festivals… Still the idea of God and reverence was all around – so, as a child I wasn’t clear who stood for what but knew that some figures were special – Ram, Muhammad, Christ, Gandhi and Lenin, they had to be spoken of with lot of respect and followed as an … Continue reading Gandhi, Aligarh and two minutes of silence- Sehba Imam

प्रधानमंत्री जी,अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा- Tejashwi Yadav

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम, आपका ध्यान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा जो वाइवा के अंकों को 100 से घटाये जाने की माँग पर अनशन पर बैठे हैं। क्योंकि वाइवा में वंचित वर्गों के छात्रों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पक्षपात किया जाता है। दिलीप की स्थिति दिन-ब-दिन निरन्तर बेहद खराब होती जा रही … Continue reading प्रधानमंत्री जी,अनशन पर बैठे पीएचडी के छात्र दिलीप यादव की ओर ले जाना चाहूँगा- Tejashwi Yadav

Bela Bhatia attacked in Bastar

Bela Bhatia, social activists and researcher, has been once again attacked late last night by goons. Read Bela’s statement below: “I have been attacked by a mob of 30 or so men who came in a white bolero-type vehicle and mobikes. This was the beginning. Later it became big and ugly. They threatened their way inside the house. They said I would have to leave … Continue reading Bela Bhatia attacked in Bastar

देश को तेजबहादुर यादव का सम्मान करना चाहिए। वह जली रोटी का हक़दार नहीं है। वह हमारा रक्षक है। – Dilip Mandal

देश अगर इन जवानों का एहसानमंद है, जो कि होना चाहिए, तो उनकी तनख़्वाह बढ़ाए। उचित पेंशन दे। उनकी सुविधाओं का ख़्याल रखे।

उनकी सेवादार यानी अर्दली की ड्यूटी बंद हो। जिनके हाथ में मशीनगन होती है, वे लोग अफ़सरों के घरों में कुत्ते टहलाते शोभा नहीं देते।

देश को तेजबहादुर यादव का सम्मान करना चाहिए। वह जली रोटी का हक़दार नहीं है। वह हमारा रक्षक है। Continue reading देश को तेजबहादुर यादव का सम्मान करना चाहिए। वह जली रोटी का हक़दार नहीं है। वह हमारा रक्षक है। – Dilip Mandal

विधानसभा चुनाव – नोटबंदी, अखिलेश और केजरीवाल! – QW Naqvi

अबकी बार, तीन सवाल! नोटबंदी, अखिलेश और केजरीवाल. चुनाव तो होते ही रहते हैं, लेकिन कुछ चुनाव सिर्फ़ चुनाव नहीं होते, वह समय के ऐसे मोड़ पर होते हैं, जो समय का नया लेखा लिख जाते हैं, ख़ुद बोल कर समय के कुछ बड़े इशारे कर जाते हैं, कुछ सवालों की पोटलियाँ खोल जाते हैं. जो पढ़ना चाहे, पढ़ ले, सीख ले, समझ ले, आगे … Continue reading विधानसभा चुनाव – नोटबंदी, अखिलेश और केजरीवाल! – QW Naqvi

“परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

लखनऊ, 04 जनवरी 2017। यूपी में परिवारवाद की जंग लड़ रही सपा द्वारा लोकतांत्रिक आवाजों के दमन और वादा खिलाफी के खिलाफ रिहाई मंच 16 जनवरी को लखनऊ में करेगा सम्मेलन। दस वर्ष पूर्व 16 जनवरी 2007 को रिहा हुए कोलकाता के आफताब आलम अंसारी की मां आयशा बेगम द्वारा रिहाई आंदोलन के एक दशक पूरा होने पर बरी बेगुनाह नौजवानों पर एक पुस्तक जारी … Continue reading “परिवारवाद-जुमलावाद नहीं, इंसाफ के एजेंडे पर होगा चुनाव”-रिहाई मंच

No Place for Self-Pity, No Room for Fear

In times of dread, artists must never choose to remain silent. By Toni Morrison Christmas, the day after, in 2004, following the presidential re-election of George W. Bush. I am staring out of the window in an extremely dark mood, feeling helpless. Then a friend, a fellow artist, calls to wish me happy holidays. He asks, “How are you?” And instead of “Oh, fine—and you?”, … Continue reading No Place for Self-Pity, No Room for Fear