हस्तमैथुन (Masturbation) – Mayank Saxena

  यौवन मेरा न संभले है हूं अधेड़ फिर भी उबले है मैं मत्त मदांध लेकर सड़ांध बन आज आम बौराया हूं हॉस्टल के द्वार खिड़की के पार हस्तमैथुन करने आया हूं हां, वही वही मस्टरबेशन करतें हैं जिसको सारे जन मैं बेच लाज आया हूं आज इसको दिखलाने तुमको भी ये राज़ बताने तुमको…

हम सब अभिशप्त हैं, क्योंकि हम देख और महसूस कर पाते हैं – Mayank Saxena

आप वो समाज हैं, जो बाबरी गिरने के बाद घरों की छतों पर खड़े हो कर थालियां पीट रहे थे..घंटे-घड़ियाल बजा रहे थे…रात को मशाल ले कर विजय जुलूस निकाल रहे थे…दीए जला रहे थे… आप वह समाज हैं, जो गुजरात के निर्मम जनसंहार में हज़ार लोगों के बेरहम क़त्ल को गोधरा को लेकर तर्कसंगत…

तुम बचे रह गए पुरुष और मैं दूर होती गई- Ila Joshi

मैं औरत हूं और मुझे नहीं चाहिए पिता की संपत्ति में हिस्सा भाई से कोई तोहफ़ा पति से निजी खर्च और बेटे से बुढ़ापे का सहारा ये सब तुम रख लो और साथ में रख लो मेरा धर्म, जात और मेरा तुम्हारे साथ वो हर रिश्ता जो मेरे औरत बने रहने में मुझे तक़लीफ़ देते…

पचास दिन पचास रात – बोधिसत्व

  यह बड़ी पुरानी बात है कोसल का एक राजा था एक दिन राजा ने उद्बोधन किया … प्रिय प्रजाजनों प्रिय संत जनों राष्ट्र हित में बस पचास दिन और पचास रात जो देता हूँ वह दुख सहन करो वह राजा था इसलिए उद्बोधन कर सकता था दुख सुख सब कुछ दे सकता था भक्त…

आर्यवर्त की सजग सरकार-बोधिसत्व

  तभी अचानक सावन के दिव्य महीने में सर्वथा नूतन सरकार ने … एक नया नवेला नियम बनाया घर में दफ्तर में बाजार में रात दिन दोपहर मे नदी नाले नहर में डूब कर या खा कर जहर जो जान गवांएगा ऐसा आत्म हत्यारा देश के लिए शहीद माना जाएगा ऐसे आत्म बलिदानियों की भव्य…

सरकार के दो और बड़े फैसले हंसी और विलाप टैक्स -Bodhi Sattva

आज जो भी दिन दिनांक हो इसे सुदिन शुभ मान कर सरकार ने दो बड़े मार्मिक निर्णय लिए हैं….इसके लिए सरकार ने एक नए महकमें की स्थापना की है…जिसका नाम हंसी विलाप टैक्स विभाग रखा गया है.. आज और अभी से जो भी नर नारी बालक वृद्ध किसी भी स्थिति में रोता हुआ पाया जाएगा…