आर्यावर्त का सोशल मीडिया – Rakesh Kayasth

एविएशन, स्टेम सेल और प्लास्टिक सर्जरी जैसे सभी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के चिन्ह हमारी महान सभ्यता के इतिहास में मिलते हैं। लिहाजा तर्क यही कहता है कि जुकरबर्ग के पैदा होने से कई कोटि वर्ष पहले सोशल मीडिया भी भारत में रहा होगा। प्रस्तुत हैं, इसी तर्क पर आधारित कुछ पौराणिक कथाएं, देवताओं और पौराणिक पात्रों को सो सॉरी हैशटैग के साथ। 1. अप्सरा शकुंतला … Continue reading आर्यावर्त का सोशल मीडिया – Rakesh Kayasth

सरकार के दो और बड़े फैसले हंसी और विलाप टैक्स -Bodhi Sattva

आज जो भी दिन दिनांक हो इसे सुदिन शुभ मान कर सरकार ने दो बड़े मार्मिक निर्णय लिए हैं….इसके लिए सरकार ने एक नए महकमें की स्थापना की है…जिसका नाम हंसी विलाप टैक्स विभाग रखा गया है.. आज और अभी से जो भी नर नारी बालक वृद्ध किसी भी स्थिति में रोता हुआ पाया जाएगा उस पर देश द्रोह का मुकदमा चलेगा, रोना अब एक … Continue reading सरकार के दो और बड़े फैसले हंसी और विलाप टैक्स -Bodhi Sattva

पंडितजी के रौशनदान से लटकता प्रचारक- Rakesh Kayasth

प्रिय प्रचारक, तुम हो राष्ट्र तारक। करते हो देश की बड़ी भलाई, लेकिन एक बात अब तक समझ नहीं आई। इतिहास के कूड़ेदान में क्यों भटक रहे हो। बावन साल हो गये नेहरू को गये, लेकिन अब भी तुम तीनमूर्ति का रौशनदान पकड़े लटक रहे हो! माना हर बेडरूम में झांकना तुम्हारा अधिकार है। लेकिन आखिर एक मरे हुए आदमी से तुम्हे क्यों इस कदर … Continue reading पंडितजी के रौशनदान से लटकता प्रचारक- Rakesh Kayasth

महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

आज सुबह मेरी पत्नी ने मुझे विजयी भव: वाले उसी अंदाज़ में घर से भेजा जैसै पुराने जमाने में रणभूमि पर जा रहे योद्धाओं को भेजा जाता था। सिर्फ रक्त तिलक नहीं हुआ, बाकी तैयारी पूरी थी। लड़ाई के साजो-समान में तीन चेक बुक दो एटीएम कार्ड, चार हज़ार की पुरानी करेंसी। भरे हुए फॉर्म, पैन कार्ड की फोटो कॉपी और ऑरिजनल दोनो। क्या पता … Continue reading महान भारत का एक साधन संपन्न नागरिक होने पर मुझे गर्व है – Rakesh Kayasth

मित्र ट्रंप, यूपी चुनाव से पहले जनता को एकाध बार और धप्पा करना है

मित्र ट्रंप, चुनाव जीतने पर लख लख बधाइयां। मैं तो अमेरिका आकर ही बधाई देना चाहता था लेकिन इधर ज़रा सा फंसा हूं। बहुत सारे नए नोट छापने पड़ रहे हैं। अपने इधर ब्लैक मनी को खत्म करना चाह रहा हूं। तुम तो ब्लैक मनी के बारे में जानते ही होंगे, पुराने बिल्डर जो ठहरे। 😉 मित्र, हमारे यहां तुम्हारे बहुत फैन हैं। कई मेरे … Continue reading मित्र ट्रंप, यूपी चुनाव से पहले जनता को एकाध बार और धप्पा करना है

जन-गण-मन… दे दनादन – Rakesh Kayasth

सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाने के परंपरा के विरोध में मैने कई बार लिखा है। राष्ट्रीय प्रतीकों के ज़रूरत से ज्यादा इस्तेमाल से उनकी गरिमा धूमिल होती है। साथ ही तथाकथित राष्ट्रवाद के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों को इसका लाइसेंस भी मिल जाता है। ताजा शिकार हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले लेखक सलिल चतुर्वेदी हैं, जिन्हे गोवा के सिनेमा हॉल में जन-गण-मन के … Continue reading जन-गण-मन… दे दनादन – Rakesh Kayasth