तुम अगर वोट देने का वादा करो

तुम अगर वोट देने का वादा करो

 मैं यूं ही मस्त जुमले सुनाता रहूं । 

तुम मुझे देखकर सिर हिलाते रहो 

मैं तुम्हें देखकर बड़बड़ाता रहूं ।
मैंने हाँकी हैं गप्पे हजारों मगर इक शिकन तेरे माथे पे आई नहीँ । 

बेच डाला है मैंने सुनहरा वतनएक उंगली भी तुमने उठाई नहीँ ॥

 तुम अगर अपनी गर्दन झुकाए रहो मैं छुरी पीठ पीछे चलाता रहूं ॥
कोई हिन्दू मुसलमां या सिख जैन हो  मेरे जुमलों से कोई बचा ही नहीँ । 

भूलकर घर गृहस्थी की सब उलझनें उनको मेरे सिवा कुछ जंचा ही नहीँ । 

तुम गधे की तरह बोझ ढोते रहो मैं पिछल्ले पे चाबुक चलाता रहूं ॥
मैंने वादे किए सैकड़ों रात दिन पूरा करने की जहमत उठाई नहीँ । 

तुममें कितना गधापन है खुद देख लो लुट गए अक्ल धेले की आई नहीँ ।

तुम परेशां रहो बिलबिलाते रहो मैं जले पे नमक भुरभुराता रहूं ॥


मैं भला हूँ बुरा हूँ या चालाक हूँ तुम हमेशा से बछिया के ताऊ रहे । 

रात दिन हल चलाकर न ग़ैरत जगी चन्द पैसों में हरदम बिकाऊ रहे ।

तुम सदा अपनी ग़ैरत रहो बेचते मैं यूं ही सबको उल्लू बनाता रहूं

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