मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी – Himanshu Kumar

आज पढ़ रहा था कि मध्य प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ज्योतिषियों को भी बैठाएगी जो व्यक्ति के स्वस्थ होने या उसके कर्मों के कारण उसके बीमार होने या दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में अपने ज्योतिष के हिसाब से बताएँगे,

यह मूर्खता की पराकाष्ठा है.

दूसरी खबर यह है कि सरस्वती शिशु मन्दिरों को सरकार चलायेगी और उनके शिक्षकों को अब सरकार तनख्वाह देगी,

सरस्वती शिशु मन्दिर मुसलमानों और ईसाईयों के खिलाफ नफरत फ़ैलाने के लिए मशहूर हैं,

इसका मतलब है अब नागरिकों के खिलाफ नफरत फ़ैलाने का काम भाजपा सरकार खुद करेगी,

अगर ऐसा होता है तो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हिन्दुओं के सबसे बड़े दुश्मन साबित होंगे.

जिन हिन्दुओं को दुनिया के तर्क और ज्ञान के साथ खुद को सुधारते हुए अपने पूरे समुदाय को अंधविश्वासों, जातिवाद की क्रूरताओं, महिलाओं के पर्दाप्रथा, धर्म के नाम पर फ़ैली हुई झूठी कहानियों, से आज़ाद करना था,

उन हिन्दुओं को कूढ़मगज, क्रूर और दंगाई बनाया जा रहा है,

भारत में हिन्दू शब्द आने से भी पहले सैंकड़ों ज्ञान की धाराएँ मौजूद थीं,

यहाँ वैदिक दर्शन था तो सांख्य दर्शन भी था जो ईश्वर के अस्तित्व को ही नहीं मानता,

जैन, बौद्ध दर्शन थे, आदिवासी थे जो ईश्वर को नहीं मानते थे,

यहाँ धर्म को ज्ञान और सच की खोज कहा गया,

कभी नहीं कहा गया कि अभी तक जो ज्ञान खोज लिया गया है वही अंतिम सत्य है और अब आपको उसे आँखें मूँद कर मान लेना चाहिए,

बल्कि किसी विषय में अपनी बात कहने के बाद निष्कर्ष कहने के बाद कहा जाता था कि नेति नेति मतलब यह भी नहीं है,

लेकिन आज राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसके गिरोह द्वारा हिन्दुओं को उनकी इस विशेषता के विरुद्ध जबरदस्ती आतंक के दम पर पुरानी लकीर पर चलने के लिए मजबूर किया जा रहा है,

जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जिसे हिन्दू कह रहा है उसकी परिभाषा क्या है ?

क्या राम कृष्ण को मानने वाले, मूर्तीपूजा करने वाले, ईश्वर को मानने वाले, गाय को माता मानने वाले, ही हिन्दू हैं ?

तो फिर वेद के मन्त्रों के रचयिता चार्वाक क्या हिन्दू नहीं हैं जो ईश्वर को आत्मा को या पुनर्जन्म को ही नहीं मानते,

क्या सांख्य दर्शन लिखने वाले ऋषि कपिल हिन्दू नहीं हैं जो ईश्वर को नहीं मानते,

फिर तो महावीर, बुद्ध, आपके हिंदु की परिभाषा के बाहर हो जाते हैं,

क्योंकि दोनों ही ना तो राम कृष्ण को मानते हैं ना ही ईश्वर को मानते हैं,

इसी तरह नानक भी आपके हिन्दू धर्म से बाहर हो जाते हैं क्योंकि वह भी मूर्ती पूजा को नहीं मानते,

इसी तरह आर्य समाज भी मूर्ती पूजा और अवतार वाद का विरोध करता है,

आर्य समाज राम कृष्ण को भी अवतार नहीं मानता,

तो इसका मतलब आर्य समाज भी हिन्दू नहीं है,

तो फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ किसे हिन्दू कह रहा है ?

क्या हिन्दू का मतलब अब यह हो गया है कि जो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का गुलाम है और उसकी मूर्खता के सामने सर झुका दे,

जो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कहने से मुसलमानों को गालियाँ बके और अयोद्ध्या में विश्व हिन्दू परिषद् के मन्दिर के नाटकबाजी में शामिल हो जाए वही हिन्दू माना जाएगा ?

और जो भारत की सनातन रीति से सोचेगा और ज्ञान की नई खोज जारी रखेगा और अपना दिमाग खुला रखेगा, उसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हिन्दू होने से बाहर कर देंगी ?

कान खोल कर सुन लो मैं अपने बच्चों को मूर्ख नहीं बनाऊंगा,

इसलिए मैं उन्हें नहीं सिखाऊंगा कि कोई भगवान् या देवता तुम्हारे सारे काम बना देता है,

मैं उन्हें बताऊँगा कि पहाड़ पर बर्फ टपकने से बना हुआ ढेर भगवान नहीं होता,

मैं उन्हें बताऊंगा कि भारत में ज्ञान की कितनी धाराएं थीं और उन्होंने कितनी सुंदर विचारधाराएँ दी हैं,

मैं उन्हें बताऊंगा कि वेद में राम कृष्ण नहीं हैं,

मैं अपने बच्चों को मूर्ख नहीं बनने दूंगा,

मैं उन्हें बताऊंगा कि मुसलमान इसाई उनके दुश्मन नहीं हैं बल्कि एक लोकतान्त्रिक देश के साथी नागरिक हैं,

मैं अपने बच्चों को बताऊंगा कि पाकिस्तान दुश्मन देश नहीं पड़ोसी देश है जिसके साथ हमें दोस्ती से ही रहना पड़ेगा,

मैं अपने बच्चों को कोई भी अंध विश्वास मानने से रोकूंगा,

छींकना, बिल्ली का रास्ता काटना, भूत प्रेत, कन्यादान, सती, जातिवाद, पर्दा, ईश्वरवाद, अवतारवाद, आदि के बारे में मैं उनके सामने सारी सच्चाई रख दूंगा,

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जिस भीड़ को तैयार कर रहे हैं वह हर धर्म के खिलाफ है, वह ज्ञान और प्रगति की दुश्मन है, तर्क और समझदारी की दुश्मन है,

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा तैयार भीड़ चुनाव जिता सकती है, दंगे कर सकती है, रोज़गार और बराबरी भूल कर धर्म के नशे में सोती रह सकती है,

लेकिन इस भीड़ से प्रगति, बुद्धि का विकास, विज्ञान की प्रगति कभी नहीं होगी,

और अगर भारत के बहुसंख्यकों को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मूर्ख और क्रूर बना देगी तो इस देश का भविष्य क्या होगा यह आप खुद सोच लीजिये,

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