ओ भगत सिंह दीवाने – Pankaj Srivastava

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के जन्मदिन समारोह की तैयारियों के बीच इंकलाबी सलाम के साथ पेश है एक गीत —

ओ भगत सिंह दीवाने
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Statues_of_Bhagat_Singh,_Rajguru_and_Sukhdev

ओ भगत सिंह दीवाने
आज़ादी के परवाने
तेरा हैट चुरा के पंडे
लगे पगड़ी हैं पहनाने
लो अँगड़ाई एक बार फिर, करो लड़ाई पूरी
क्योंकि….
ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है !
खून पीने वालों के सर सजा ताज है…..!!

ओ भगत सिंह दीवाने
तू लाल फरेरा जाने
तेरी मूरत गढ़ने वाले
तेरी सूरत लगे छिपाने
उठा के परचम एक बार फिर, करो लड़ाई पूरी
क्योंकि..
ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है !
खून पीने वालों के सर सजा ताज है….!!

ओ भगत सिंह दीवाने
जांबाज़ बड़े मस्ताने
तुझे सूली देने वाले
जुटे जल, जंगल हथियाने
हर जवान के दिल में धड़को, करो लड़ाई पूरी
क्योंकि…
ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है !
खून पीने वालों के सर सजा ताज है…..!!

ओ भगत सिंह दीवाने
तू राम खुदा ना माने
पर संसद पहुँच गये जो
निकले दंगा करवाने
बहरे फिर से सुनें धमाका, करो़ लड़ाई पूरी
क्योंकि..
ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है !
खून पीने वालों के सर सजा ताज है…..!!

ओ भगत सिंह दीवाने
फिर गा समता के गाने
तेरा हिंद पुकारे तुझ को
आ इन्कलाब समझाने
सारे फर्क़ मिटाने वाली करो लड़ाई पूरी
क्योंकि…
ये चोरों का राज है, लुटेरों का राज है !
खून पीने वालों के सर सजा ताज है…..!!

ओ भगत सिंह दीवाने…..

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