तीस्ता सेतलवाड़ को फेसबुक पर एक खुले ख़त में निशरीन जाफ़री हुसैन

JafriZakia Jafri

प्यारी तीस्ता,

आपके लिए अम्मी (ज़किया नसीम जाफ़री) की ओर से एक संदेश है। दोषियों को न्याय तक लाने के लिए आप और आपके हौसले ने उनको और बाकी पीड़ितों की ज़िंदगियों को ताक़त और अमन बख़्शा है। हर रोज़ वो आपकी जीत और हिफ़ाज़त की दुआएं करती हैं।

उनके लफ़्ज़ों में, “मेरा रोम-रोम तुम्हारे लिए दुआ करता है…मेरा दिल जानता है कि तुम्हारा हर क़दम, गुजरात के मज़लूमों की मदद में जुड़ा है। मेरी दुआएं तुम्हारे साथ हैं, हमारा दुख, हमारे साथ जो बीता है….वो तुम से बेहतर कोई नहीं जानता है। हमें पूरा यक़ीन है कि तुम्हें क़ामयाबी ज़रूर मिलेगी, हिंदुस्तान के लोग तुम्हारे साथ हैं।”

“ऊपर वाले के घर देर है…अंधेर नहीं…”.

लोग हंसती हुई आंखों पे यक़ीं रखते हैं,

मेरे आंसू, मेरे जज़्बात कोई क्या जाने

एक तू है जिसे मालूम हैं सारी बातें

शब ए हिजरां…मेरे हालात कोई क्या जाने

ढेर सारे प्यार के साथ,

ज़किया नसीम जाफ़री

( तीस्ता सेतलवाड़ को फेसबुक पर एक खुले ख़त में निशरीन जाफ़री हुसैन। निशरीन, ज़किया और मरहूम अहसान जाफ़री की बेटी हैं। 2002 गुलबर्गा सोसायटी साम्प्रदायिक हिंसा में, अहसान जाफ़री की हिंदू दक्षिणपंथी दंगईयों ने हत्या कर दी थी।

Daughter

ज़किया जाफ़री और तीस्ता सेतलवाड़ (सह याचिकाकर्ता) गुजरात में अनेक ताक़तवर लोगों के खिलाफ, दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए केस लड़ रहे हैं। ज़किया ने इस मामले में, वर्तमान प्रधानमंत्री और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आरोप लगाए हैं। तीस्ता सेतलवाड़ ने गुजरात में दंगईयों के खिलाफ 117 केस जीते हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने सीबीआई से तीस्ता सेतलवाड़ की ‘कम्पनी’ की जांच के लिए कहा है।)

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